संतकबीरनगर। विकास खंड पौली के शिवबखरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण 13 वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो पाया। जिससे इस क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं योजना में देरी से व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विकास खंड पौली की करीब डेढ़ लाख आबादी को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2013 में शिवबखरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन की आधारशिला रखी गई थी। इसके लिए चार करोड़ रुपये जारी हुए। दो वर्ष बाद धनाभाव की बात कहकर कार्यदाई संस्था ने निर्माण कार्य ठप कर दिया। करीब चार वर्षों तक निर्माण कार्य बंद रहने के बाद शासन की ओर से 60 लाख अवमुक्त किया गया, लेकिन पर्याप्त धन न होने से कुछ दिनों बाद कार्यदायी संस्था ने अधूरा काम छोड़कर हाथ खड़े कर दिए। यहां के लोग 40 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर इलाज के लिए या तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली जाते हैं या जिला अस्पताल खलीलाबाद जाना मजबूरी होता है। अधिकतर लोग मजबूर होकर प्राइवेट डॉक्टरों से इलाज करवाते हैं। अस्पताल परिसर में झाड़ झंखाड़ उग आए हैं। खिड़की जंगला भी टूट गए हैं। कार्यदाई संस्था द्वारा बरती जा रही लापरवाही के कारण अनुमानित लागत से ज्यादा पैसा खर्च करने और पांच गुना समय लगने के बाद भी काम 70 प्रतिशत के करीब ही निर्माण हो पाया है। परिसर में न तो कर्मचारियों के लिए आवास बने है और न ही एकेडमिक भवन ही बना है। जो कि इस पिछड़े क्षेत्र वासियों के लिए काफी पीड़ा दायक है। क्षेत्र के अनिल कुमार, कपिल देव कनौजिया, रामबृक्ष कनौजिया, हरिराम, योगेन्द्र कुमार, अरविंद , ग्रीशचंद अग्रहरी, रमेश कुमार, नरसिंह, अशोक कुमार आदि लोगों ने विभाग के लोगों का कहना है कि 13 साल में यह भवन नहीं पूरा हो पाया है। लोगों का कहना है कि विभाग की सुस्ती व कार्यदाई संस्था की लापरवाही से भवन खड़हर जो जाएगा। जिससे सरकार का लगा पैसा भी डूब जाएगा। लोगों ने इसका निर्माण तत्काल पूरा कराने की मांग की।
कार्यदाई संस्था को एकेडमिक भवन बनाकर हस्तांतरित करने को कहा गया है। लेकिन अभी तक भवन का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। इसके लिए कार्यदाई संस्था से फिर बातचीत की जाएगी। ताकि सीएचसी को शुरू कराया जा सके।
- डॉ रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ