सेमरियावां। स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत गांवों में सरकारी अनुदान से बने व्यक्तिगत शौचालयों की मरम्मत के लिए सरकार पैसा दे रही है। सेमरियावां ब्लॉक में डीपीआरओ के निर्देश पर एडीओ पंचायत कार्यालय की ओर से इसका सर्वे कराया जा रहा है। इस योजना के तहत ब्लॉक में करीब 1009 शौचालय मरम्मत के लिए चिह्नित किए गए हैं। हालांकि सर्वे व मरम्मत के लिए चिह्नित करने का कार्य चल रहा है। कुछ गांव में मरम्मत कार्य भी शुरू हो गया है।
सरकार ने स्वच्छता मिशन के तहत सेमरियावां ब्लॉक में करीब 54 हजार व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया है। शुरुआती दौर में बने शौचालय देखरेख के अभाव में टूट गए तथा इसका प्रयोग भी नहीं हो रहा है। ऐसे में खुले में शौचमुक्त का संकल्प कहीं टूट न जाए, इसको ध्यान में रखते हुए शुरुआता के वर्षों 2014-15 में बने शौचालय जो मरम्मत योग्य हो गए हैं, को रेट्रोफिटिंग विधि से मरम्मत कराने के लिए केंद्र सरकार पैसा दे रही हैं।
इस योजना में शासन की ओर से ब्लॉकवार व्यक्तिगत शौचालयों के मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एडीओ पंचायत कार्यालय की ओर से ग्राम सचिवों और पंचायत सहायक को लगाकर सर्वे कार्य कराया जा रहा है। अब तक सर्वे में करीब 1009 व्यक्तिगत शौचालय मरम्मत के लिए चिह्नित किए गए हैं। इनमें कुछ गांव में व्यक्तिगत शौचालयों का मरम्मत कार्य पूर्ण होने का दावा किया जा रहा है, शेष गांव में अन्य पर काम चल रहा है।
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प्रधान-सचिव के जरिए मिलेगा लाभ
सरकार के जरिये व्यक्तिगत शौचालयों की मरम्मत के लिए चल रही रेट्रोफिटिंग योजना का लाभ सचिव व प्रधान के सहयोग से मिल सकता है। लाभार्थी सचिव व प्रधान से संपर्क कर अपने क्षेत्र में बने शौचालय की स्थिति से अवगत कराएं। संबंधित सचिव व ग्राम पंचायत सहायक इसका फोटो ई-स्वराज पोर्टल पर अपलोड करेंगे। जिला पंचायत राज विभाग से इसकी स्वीकृति के बाद प्रधान इस शौचालय का मरम्मत कराएंगे।
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शौचालयों की मरम्मत के लिए सचिव व ग्राम पंचायत सहायक को निर्देश दिया गया है। सरकार ने व्यक्तिगत शौचालयों के लिए अलग से बजट जारी कर रही है। मरम्मत को अधिकतम पांच हजार रुपये दिए जायेंगे। इसमें सीट, सीढ़ी आदि का अलग-अलग पैसा निर्धारित है। जैसा मरम्मत योग्य हो उसी हिसाब से पैसा खर्च होगा।
-योगेंद्र कुमार गौड़, प्रभारी एडीओ पंचायत, सेमरियावां