संतकबीरनगर। होली का त्योहार बीतने के बाद विभिन्न प्रांतों व शहरों में काम करने वाले लोग अपने काम पर लौट रहे हैं। इसके चलते ट्रेनों व बसों में भीड़ बढ़ गई है। स्थिति यह है कि ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण लोग मजबूरी में जनरल कोच में सफर कर रहे हैं। साथ ही लोग बसों का सहारा ले रहे हैं। इसमें भी निजी स्लीपर बसों में जाने वालों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में निजी बस संचालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रोजी- रोटी के इंतजाम में दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, पंजाब सहित अन्य शहरों में रहते हैं। होली का पर्व परिवार के साथ मनाने के लिए लोग घर वापस आए थे। अब छुट्टी खत्म होने के बाद लोग वापस काम पर लौट रहे हैं, लेकिन वापसी का सफर मुश्किल भरा है। ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि 15 अप्रैल तक ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकी है। ऐसे में तत्काल टिकट के भरोसे लोग स्टेशन पर पहुंच रहे हैं। मजबूरी में लोग जनरल कोच में सफर कर रहे हैं, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरी तरफ ट्रेनों में भीड़ बढ़ने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोग निजी स्लीपर बस से सफर कर रहे हैं। इन बसों में सफर करने पर लोगों को मनमाना किराया देना पड़ रहा है। खलीलाबाद से दिल्ली के लिए स्लीपर बस पकड़ने आए अनिल कुमार, बासुदेव आदि ने बताया कि दिल्ली का किराया पूर्व में 12 सौ था, लेकिन इस समय 2500 रुपये लिए जा रहे हैं। जाना जरूरी है, इसलिए मनमाना किराया देने की मजबूरी है।
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त्योहार के चलते बसों में भीड़ बढ़ी है। ऐसे में यात्रियों की सुविधा के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। खासकर दिल्ली, कानपुर आदि शहरों के लिए अतिरिक्त बसें चल रही हैं। इसके साथ ही लंबी दूरी की बसों के चालकों को निर्देश दिए गए हैं कि बसों को खलीलाबाद में ओवरब्रिज से न ले जाएं, बल्कि बस स्टाॅप सेंटर पर खड़ा करें और सवारियां भरें।
-आयुष भटनागर, एआरएम, बस्ती