मेंहदावल। निपुण भारत मिशन के तहत प्रदेश के विद्यालयों का निपुण विद्यालय आकलन अब डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से कराया जाएगा। आकलन 27 जनवरी से शुरू होकर फरवरी के दूसरे सप्ताह तक पूरा करने की पूरी तैयारी शुरू हो गई है। समग्र शिक्षा के अंतर्गत होने वाले इस आकलन को लेकर डायट और विभागीय अधिकारियों को को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने पत्र में कहा है कि डीएलएड प्रशिक्षु चिह्नित विद्यालयों का आकलन करेंगे। प्रशिक्षुओं का रोस्टर तैयार करके राज्य परियोजना कार्यालय को भेजा जा चुका है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि फरवरी के दूसरे सप्ताह तक सभी चिह्नित विद्यालयों का आकलन तय समय में पूरा हो जाए। डीएलएड प्रशिक्षुओं को प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा, आकलन कार्य के बाद में निपुण सम्मान दिवस का आयोजन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में निपुण विद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा और उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। निपुण सम्मान दिवस के आयोजन के लिए प्रति जिला 50 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। यह भी निर्देश दिए हैं कि जनवरी से फरवरी के बीच निपुण विद्यालय आकलन को सफलतापूर्वक पूरा कराने के लिए संबंधित अधिकारियों और विद्यालयों को अपने स्तर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि प्रदेश के सभी विद्यालयों को निपुण विद्यालय के रूप में विकसित किया जा सके।