संतकबीरनगर। जिले में विकास को गति प्रदान करने के लिए प्रशासन ने पहल की है। जिले की तीन बड़ी परियोजनाओं पर कार्य पूर्ण होने के बाद अब इन परियोजनाओं के हैंडओवर की तैयारी चल रही है। इसमें ड्रग वेयर हाउस, कस्तूरबा बालिका छात्रावास और पौली क्षेत्र के शिवबखरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इससे लोगों को काफी सहूलियत मिल सकती है।
जिले में लहुरादेवा में करीब 10 करोड़ की लागत से ड्रग वेयर हाउस का निर्माण कराया गया है, लेकिन अभी तक हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। अग्निशमन विभाग से अभी एनओसी लेना है। इसके लिए डीएम ने समन्वय बनाकर एनओसी लेने और हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए है। ड्रग वेयर हाउस के हैंडओवर होने से जिले के अस्पतालों में दवाओं की किल्लत दूर होने की उम्मीद है। यहां से जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी ऑनलाइन दवा मंगा सकेंगे।
इस ड्रग वेयर हाउस में 10 ट्रक दवा रखने की क्षमता है। वैसे जिले में 22 पीएचसी, आठ सीएचसी और एक जिला अस्पताल समेत तीन जगहों पर नगरीय उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। क्षमता के अनुसार पूर्व में दवाओं के लिए बजट आवंटित होता था और अस्पताल स्तर पर ही दवाएं खरीदी जाती थीं। अब शासन से कॉरपोरेशन के जरिये अस्पतालों की मांग के अनुरूप दवाएं आपूर्ति की जाने लगी हैं।
इसके लिए किराए के भवन में ड्रग वेयर हाउस खोला गया। वर्तमान में यह ड्रग हाउस नेदुआ चौराहे के पास है। यही से जनपद के अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति कराई जाती है। यहां जगह की कमी व मानकों पर निर्माण न होने के कारण दवाओं के बेहतर रखरखाव में तमाम दिक्कतें आ रही थीं। ड्रग वेयर हाउस दो तल का बनाया गया है। इसमें गोदाम, कार्यालय के साथ-साथ कोल्ड चेन कक्ष भी बनाया गया है।
परिसर में ट्रक खड़ा करने के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है।
सीएमओ डॉ. रामानुज कन्नैजिया ने बताया कि ड्रग वेयर हाउस का निर्माण पूर्ण हो गया है। यहां एक साथ 10 ट्रक दवा रखी जा सकेगी। अस्पताल को डिमांड के अनुसार ड्रग वेयर हाउस कर्मी खुद दवा पहुंचाएंगे। इनके जल्द हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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शिवबखरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना है, हैंडओवर का इंतजार
विकास खंड पौली की करीब दो लाख आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2012 में शिवबखरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन की आधारशिला रखी गई थी। इसके लिए तीन करोड़ 60 लाख रुपये अवमुक्त किए गए। दो वर्ष तक कार्य होने के बाद धनाभाव के चलते कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य ठप कर दिया और करीब चार वर्षों तक निर्माण कार्य बंद रहा। इसके बाद जनप्रतिनिधियों की पहल पर शासन ने फिर धन अवमुक्त किया। अब यहां कार्य करीब-करीब पूरा हो गया है। अब इसके हैंडओवर की तैयारी चल रही है। हालांकि अभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शनिचरा बाजार में संचालित है। नया भवन मिलने पर चिकित्सकों के बैठने की समुचित व्यवस्था हो जाएगी। इसका लाभ क्षेत्र की करीब दो लाख की आबादी को लाभ मिलेगा, उन्हें इलाज के लिए मलौली और जिला अस्पताल जाने से राहत मिलेगी।
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तीन कस्तूरबा विद्यालयों के हाॅस्टल व एकेडमिक भवन बने
जिले के तीन कस्तूरबा विद्यालयों में नए सत्र से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद है। इन विद्यालयों में हॉस्टल व एकेडमिक भवन बन कर तैयार हो गए हैं।
जिले में सात ब्लॉकों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं, जिसमें खलीलाबाद, नाथनगर, सेमरियावां, मेंहदावल, सांथा, हैंसर और बघौली शामिल है। यहां पर कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई होती है। ये विद्यालय पूरी तरह से आवासीय हैं। यहां से कक्षा आठ पास कर निकलने वाली छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए परेशानी उठानी पड़ती थी। सरकार ने कस्तूरबा विद्यालयों को उच्चीकृत करने का निर्णय लिया है। इसके प्रथम चरण में खलीलाबाद, नाथनगर और सेमरियावां में इंटर तक की पढ़ाई के लिए छात्रावास का निर्माण कराया गया। बीएसए अमित कुमार सिंह का कहना है तीन जगहों पर छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है। सेमरियावां व नाथनगर में एकेडमिक भवन व छात्रावास दोनों तैयार हैं। वहां की छात्राओं का अगली कक्षाओं में नामांकन उसी स्कूल में होगा। जबकि खलीलाबाद कस्तूरबा विद्यालय छात्रावास बना है। यहां की छात्राओं का नामांकन बगल में स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में कराया जाएगा। डेस्क बेंच, चौकी समेत अन्य जरूरी संसाधन की व्यवस्था कराई जा रही है। जल्द ही हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।