नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के सात कोटेदारों के अनुबंध पत्र पर निलंबन की तलवार लटक रही है। इन कोटेदारों ने स्टॉक सत्यापन और राशन वितरण का सत्यापन करने वाले पर्यवेक्षण अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर अनाज का उठान किया था। सत्यापन के बाद सत्यापन अधिकारी सभी कोटेदारों के कारनामों की एसडीएम को रिपोर्ट सौंपते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति की है।
जिला आपूर्ति विभाग ने बाल विकास परियोजनाधिकारी नाथनगर रोमा सिंह को क्षेत्र के कुछ ग्राम पंचायतों के राशन की दुकानों के स्टॉक उठान और वितरण कार्य की निगरानी के लिए सत्यापन अधिकारी नामित किया है। सीडीपीओ ने बताया कि कुछ ग्राम पंचायतों के कोटेदारों द्वारा उनके साथ साथ मुख्य सेविकाओं का भी फर्जी हस्ताक्षर बना कर अनाज का उठान कर लिया गया है। 10 जनवरी को एसडीएम धनघटा को सत्यापन कार्य के संबंध में रिपोर्ट प्रेषित किया है।
जिसके अनुसार ग्राम पंचायत झिंगुरापार के कोटेदार इलियास अहमद द्वारा मई में उनका फर्जी हस्ताक्षर बनाकर अनाज का उठान और वितरण करके अधिकारियों को गुमराह किया गया। जबकि नवंबर 2016 से पूर्व उनके द्वारा ग्राम पंचायत झिंगुरापार के कोटे की दुकान का किसी तरह का सत्यापन किया ही नहीं गया। सीडीपीओ ने मई में सत्यापन रजिस्टर पर कोटेदार द्वारा बनाये गए फर्जी हस्ताक्षर की छाया प्रति भी संलग्न की है।
इसी तरह ग्राम पंचायत पिडारी पूर्वी के कोटेदार भग्गन प्रसाद के जरिए नवंबर में और कोडरा भुआल पट्टी के कोटेदार कैलाश नाथ द्वारा नवंबर और दिसंबर, सुक्खीपुर के कोटेदार शिव सेवक द्वारा नवंबर में, बारीडीहा के कोटेदार झकरी प्रसाद द्वार दिसंबर में, गौरा खुर्द के कोटेदार रामवृक्ष द्वारा नवंबर और हटवा के कोटेदार सुरेशचंद्र द्वारा नवंबर में पर्यवेक्षण अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर अनाज का उठान और वितरण कर लिया गया। सीडीपीओ ने इन कोटेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की संस्तुति के साथ रिपोर्ट एसडीएम को दी है।
ऐसे में इन कोटेदारों पर निलंबन से लेकर जालसाजी के आरोप में केस दर्ज कराए जाने तक की कार्रवाई संभव है। एसडीएम धनघटा कीर्तिका ज्योत्सना ने बताया कि यह बेहद गंभीर मामला है। फर्जी हस्ताक्षर के जरिए अनाज उठान और वितरण करने वाले इन कोटेदारों को बुधवार को तलब किया गया है। उनके खिलाफ नियम संगत कार्रवाई की जाएगी।