जिला अस्पताल में मरीज देखते चिकित्सक-संवाद
संतकबीरनगर। सर्दी की वजह से जिला अस्पताल में गले में खराश और दर्द के मरीज आ रहे हैं। ईएनटी चिकित्सक न होने से मरीजों को फिजिशियन से इलाज कराना पड़ रहा है। गले में खराश के प्रतिदिन करीब 100 मरीज आ रहे हैं। चिकित्सक ठंड से बचने और खट्टी चीजों का सेवन न करने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को 1310 लोगों ने पंजीकरण कराया। ज्यादातर मरीजों ने गले में खराश की शिकायत की। चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी की वजह से सबसे अधिक दिक्कत गले में हो रही है। ठंडी चीजों का सेवन करने की वजह से गले में खराश, दर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाशंकर ने बताया कि बड़े लोगों में तो दिक्कत हो ही रही है, साथ ही बच्चों में भी यह समस्या हो रही है। प्रतिदिन करीब 40 बच्चे गले के दर्द से परेशानी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चे को सर्दी होने के बाद बलगम आता है जिसे वह बाहर नहीं निकाल पाते हैं। इससे उनके कान पर असर पड़ता है। कान में दर्द या पस बनने की शिकायतें आती हैं। उन्हें बुखार भी हो जाता है। धूल की वजह से कान में एलर्जी हो जाती है। उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को रोजाना नहलाने की जरूरत नहीं है। साथ ही ठंडी चीजों का सेवन न करने दें।
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ईएनटी चिकित्सक न होने से बढ़ी दिक्कत
जिला अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ न होने से नाक, कान और गले के मरीजों को दिक्कत हो रही है। उन्हें फिजिशियन से इलाज कराना पड़ रहा है। ईएनटी चिकित्सक कक्ष में चार माह से ताला लटक रहा है। यहां तैनात रहे ईएनटी चिकित्सक छुट्टी पर गए थे लेकिन वह लौटे ही नहीं। इससे कान, गले आदि की समस्या लेकर आने वाले मरीज परेशान हो रहे हैं।
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इन बातों का रखें ध्यान
- ठंडी व खट्टी चीजों का सेवन न करें।
- बाहर निकलते वक्त माॅस्क का प्रयोग करें।
- गले में खराश होने पर गुनगुने पानी से गरारा करें।
- गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।