धनघटा। नाथनगर ब्लाॅक की ग्राम पंचायत पड़रहा में पिछले पंचवर्षीय कार्यकाल में विकास कार्यों में अनियमितता और धांधली की शिकायत की जांच के लिए सोमवार को उप निदेशक कृषि टीम के साथ गांव पहुंचे। ग्रामीणों से जानकारी लेकर कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। टीम को गड़बड़ी मिली और सरकारी धन के बंदरबांट होने की बात सामने आई।
ग्राम पंचायत पड़रहा निवासी घनश्याम, हरिवंश यादव, सुरेश, रविंद्र आदि ने एक शिकायती पत्र डीएम को देकर आरोप लगाया था कि पिछले पंचवर्षीय कार्यकाल में विकास कार्यों में भारी अनियमितता बरती गई है। धरातल पर कोई काम नहीं किया गया। इतना ही नहीं, बगैर कार्य कराए भुगतान ले लिया गया। वर्ष 2018-19, 2019-20 में भारी घोटाला हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने डीडी कृषि को जांच कर आख्या तलब की। सोमवार को उप निदेशक कृषि राकेश सिंह पड़रहा पहुंचे। पंचायत भवन पर ग्रामीणों के साथ बैठक कर कार्यों की जानकारी ली। एक ही नाली निर्माण का तीन बार भुगतान होने की पुष्टि हुई। बिंदु के घर से पोखरा तक नाली निर्माण नहीं होने की बात बताई गई। जबकि अभिलेख में कार्य होना दिखाया गया था। इसी तरह लालचंद्र पुत्र राम नवल का पशु शेड जर्जर मिला। भुगतान पूरा होने की पुष्टि हुई। गांव में राम वृक्ष के खेत से विनोद खेत तक खड़ंजा नहीं लगने की ग्रामीणों ने पुष्टि की। जांच में धांधली उजागर हुई। उप निदेशक कृषि राकेश सिंह ने बताया कि जांच में अधिकतर शिकायतों की पुष्टि हुई। भारी खामियां मिली हैं। रिपोर्ट तैयार कर इसकी आख्या डीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया होगी।