पीएम हाउस पर मृतक अमन के परिजनों और एसपी में हो रही बातचीत।
संतकबीरनगर। ई-रिक्शा चालक अमन के शव के पोस्टमार्टम के दौरान पहुंचे परिजनों ने पीएम हाउस के गेट पर जमकर हंगामा काटा। मौके पर कई अधिकारी पहुंचे और परिजनों की मान मनौवल करते रहे, लेकिन परिजनों की मांग थी कि मौके पर एसपी आकर आश्वासन दें, तब जाकर वह वहां से हटेंगे तथा शव को ले जाएंगे।
अंत में जब एसपी पीएम हाउस पर पहुंचे, तब जाकर परिजन माने और शव लेकर गए। महुली थानाक्षेत्र में सरयू नहर में मिले अज्ञात शव को लापता ई-रिक्शा चालक अमन के पिता ने बेटे का शव होने का दावा किया था। रविवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। इसलिए सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा था। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान मौके पर भीम आर्मी के नेताओं के साथ ही अन्य राजनैतिक दलों के नेता पहुंच गए। इसके बाद हरिश्चन्द्र ने चार बिंदुओं पर एक मांग पत्र लिया और उसे जिलाधिकारी को देने की मांग करने लगे।
उनकी मांग थी कि इसकी सीबीआई जांच कराई जाए, दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक मदद की जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह, सीओ अजीत चौहान के साथ ही एसडीएम और अन्य अधिकारी वहां पर पहुंचे और शव को ले जाने के लिए कहा। इसके बाद परिजनों के साथ ही भीम आर्मी के लोग परिवार की महिलाओं व अन्य लोगों के साथ धरने पर बैठ गए। यह धरना दो घंटे से अधिक चलता रहा।
लेकिन परिवार के लोग डीएम या एसपी से मिलने पर डटे रहे। देर शाम एसपी सत्यजीत गुप्ता मौके पर पहुंचे और परिवार के लोगों को कार्रवाई करने तथा ज्ञापन राज्यपाल तक भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन मौके से उठे। बाद में पुलिस सुरक्षा में एंबुलेंस से शव को पहुंचवाया गया। समाचार लिखे जाने तक स्थिति शांतिपूर्ण बनी थी, शव का अंतिम संस्कार नहीं हुआ था।
एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण : पुलिस अधीक्षक सत्यजीत गुप्ता अपनी टीम के साथ नौरंगिया पुलिया के पास पहुंचे। वहां पर उन्होंने घटना के बारे में पूरी जानकारी ली। तामाखास पुलिया से नौरंगिया पुलिया तक गहन जांच के निर्देश दिए। यही नहीं प्रभावी कार्रवाई के लिए कोतवाली खलीलाबाद तथा महुली थानाध्यक्ष को निर्देशित भी किया।