धनघटा। शनिवार को विधान सभा क्षेत्र धनघटा के विभिन्न बूथों का निरीक्षण करते हुए मंडलायुक्त जब सिरसी पहुंचे तो वहां पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत मिली तो मौके पर जा धमके। शिकायतकर्ता ने जब कहा कि इस कीमती जमीन को कब्जा मुक्त किए जाने का प्रार्थनापत्र कई बार तहसील पर दिया तो कमिश्नर तहसीलदार पर भड़क उठे। कहा कि बार-बार कहने के बावजूद आप अपनी रवैया नहीं बदल रहे हैं। अब हमें जो करना है वह करेंगे।
मंडलायुक्त अखिलेश सिंह शनिवार को विधानसभा क्षेत्र धनघटा के हैंसर बाजार, सोनाडी आदि बूथों पर पहुंचकर मतदाता पुनरीक्षण कार्य को देखा। कई बूथों पर बीएलओ तो मिले लेकिन नए मतदाता दिखाई नहीं दिए।
कमिश्नर ने बूथ लेवल अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। उसके बाद मंडलायुक्त सिरसी बूथ पर पहुंचे। बूथ का निरीक्षण कर ही रहे थे कि सिरसी गांव निवासी बृजमोहन राय पुत्र जयप्रकाश राय तमाम शिकायत पत्रों की छाया प्रति लेकर कमिश्नर के पास पहुंच गए। उन्होंने कहा कि राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के बगल में ग्राम समाज की कीमती जमीन है। जिस पर गांव के दो लोग अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं। उनके कब्जा को हटाने के लिए कई बार तहसील पर प्रार्थना पत्र दे चुका लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
इतना सुनते ही मंडलायुक्त अखिलेश सिंह राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास उस जमीन पर पहुंच गए और वहां पहुंचने के बाद जमीन के संबंध में तहसीलदार से जानकारी लेना शुरू किए। तहसीलदार योगेंद्र पांडेय की बात जब कमिश्नर के समझ में नहीं आई तो हुआ उन पर बिफर पड़े। उन्होंने कहा कि अपने कार्य पद्धति में सुधार लाने के लिए आपको बार-बार कहा जा रहा है।
लेकिन आपके कार्य में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। ठीक है अब हमें ही जो करना है वह करेंगे। कमिश्नर का रुख देखकर वहां खड़े राजस्व विभाग के अधिकारियों को पसीना आ गया। इस मौके पर एसडीएम अरुण वर्मा, खंड विकास अधिकारी हैंसर बाजार ओम प्रकाश सिंह, बीडीओ नाथनगर विवेकानंद मिश्र समेत अन्य मौजूद रहे।