संतकबीरनगर। पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व खलीलाबाद सदर विधायक डॉ. मोहम्मद अयूब ने कहा कि समाज का सबसे कमजोर वर्ग दलित है। आजादी के बाद किसी भी सरकार ने इस वर्ग को हिस्सेदारी नहीं दी।
यही नहीं धोबी, पासी, बेल्दार, कुर्मी, केवट, तेली सहित 17 जातियों का उत्थान आज तक नहीं हुआ है और सत्ता में बैठे नेताओं ने कभी भी इस मामले को लोेकसभा व विधानसभा में नहीं उठाया। संकेत दिया कि इस बार विधान सभा चुनाव के बाद प्रदेश में मिली जुली सरकार बनने की संभावना है। वे खलीलाबाद विधान सभा के ग्राम देवापार में पार्टी द्वारा आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के मूल निवासियों का शोषण हो रहा था इसलिए उन्हें राजनीति में आना पड़ा। उनका हक दिलाने के लिए पीस पार्टी संघर्ष करेगी। बड़े पदों पर बैठे ऊंची जाति के लोग दलितों को आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं। जबकि दलितों के ही वोट से प्रदेश व देश की सत्ता का भविष्य तय होता है।
केंद्र की सरकार बनाने में मुसलमानों ने भी अपना योगदान दिया है। कहा कि पिछड़ी जाति, दलित, मुसलमान कहीं आगेे नहीं है। केंद्र व प्रदेश सरकार ने इन जातियों के लिए कुछ भी नहीं किया है। पिछड़ों का अधिकार मिलने पर ही गांव में विकास होगा। उन्होंने कहा कि पीस पार्टी मनुवादियों का विरोध करके देश को बांटने वाली सियासत को सबक सिखाएगी।
कहा कि यदि पीस पार्टी को प्रदेश सरकार में जगह मिली तो सबसे पहले खलीलाबाद सुगर मिल शुरू कराया जाएगा। इससे किसानों को राहत मिलेगी। बैठक का संचालन जिलाध्यक्ष राधेश्याम पटेल ने किया। इस अवसर पर कृष्ण चंद्र चौधरी, शैलेन्द्र कुमार चौधरी, अरविंद कुमार चौधरी, रामशिव प्रधान, संजय चौधरी, अमरपाल चौधरी, गंगाराम चौधरी, महफूज अंसारी, राजेश चौधरी, राजेंद्र प्रसाद चौधरी आदि मौजूद रहे।