संतकबीरनगर। औषधि निरीक्षक ने नवंबर में गोला बाजार में एक मेडिकल स्टोर पर छापा मार कार्रवाई की गई थी। वहां कोडीनयुक्त कोडिवा सिरप और प्रोक्सविनपास कैप्सूल बरामद किए गए थे। इसमें मेडिकल स्टोर संचालक पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई। इसके साथ ही दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। इस मामले में मेडिकल स्टोर संचालन ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ के विशेष सचिव व अपीलीय अधिकारी के यहां गुहार लगाई। सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए। अपीलीय अधिकारी ने सुनवाई करते हुए दस्तावेज सही पाए तो मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बहाल कर दिया है। इसके साथ ही औषधि निरीक्षक पर नाराजगी जताई है।
बता दें कि 21 नवंबर को औषधि निरीक्षक प्रीति सिंह ने कोतवाली पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि कल्पना पत्नी संतोष कुमार गुप्ता प्रोपराइटर संकल्प मेडिकल स्टोर गोला बाजार और मोती तिराहा पर 13 नवंबर को निरीक्षण किया। इस दौरान प्रोपराइटर कल्पना उपस्थित रहीं। जांच के दौरान विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार औषधियों के क्रय विक्रय बिल की जांच की गई।
मेडिकल प्रतिष्ठान पर प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कोडिवा सिरप 4520 शीशी और 6056 प्रोक्सविन स्पास कैप्सूल बरामद हुए। जिसे सील करके फर्म प्रोपराइटर को सुपुर्द कर दिया गया। फर्म संचालिका उक्त दवाओं के क्रय विक्रय के संबंध में कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इसके बाद उन्हें तीन दिन का समय देकर खरीद-फरोख्त के संबंध में कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
तय समय के अंदर भी उनके द्वारा कोई भी अभिलेख नहीं प्रस्तुत किया गया। कोडीन युक्त सिरप गैर चिकत्सिकीय प्रयोग नशे के रूप में किया जाता है। इस मामले में पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक पर केस दर्ज किया था। मेडिकल स्टोर संचालक ने जब जिले स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो वह खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ के विशेष सचिव व अपीलीय अधिकारी रेखा एस. चौहान के वहां गुहार लगाई। इसके साथ ही कफ सिरप आदि खरीद फरोख्त के कागजात प्रस्तुत किए। पीड़ित मेडिकल स्टोर संचालक कल्पना गुप्ता ने बताया कि उनके पास सारे कागजात मौजूद रहे। लेकिन औषधि निरीक्षक ने एक नहीं सुनी।
अपीलीय अधिकारी ने सुनवाई करते हुए कहा कि 13 नवंबर की जांच में सभी कागजात संचालक ने दिखाए थे, जो सीसीटीवी में देखे जा सकते हैं। औषधि निरीक्षक द्वारा इस महत्वपूर्ण पहलू की उपेक्षा की गई जो शासकीय दायित्वों के समुचित निर्वहन में शिथिलता दर्शाता है। एक पक्षीय कार्रवाई न्याय के मूल सिद्धांत के विपरीत है। अपीलीय अधिकारी ने दुकान का लाइसेंस बहाल कर दिया है।
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कोडिन सिरप मामले में तीन लोग जा चुके है जेल
औषधि निरीक्षक प्रीति सिंह की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने 21 नवंबर को कल्पना पत्नी संतोष कुमार गुप्ता प्राेपराइटर संकल्प मेडिकल स्टोर गोला बाजार और मोती तिराहा एवं लाइफ मेडिकल स्टोर भिटवा टोला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले की विवेचना में नाम प्रकाश में आने पर तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बहाल किया गया है, जो गाइड लाइन है उसके अनुसार प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री नहीं होनी है। मेडिकल स्टोर संचालक को इसके लिए निर्देश दे दिए गए है।
-प्रीति सिंह, औषधि निरीक्षक