- नर्स हाॅस्टल में चल रही थी पुलिस चौकी, बाहर किराए पर कमरा लेकर रहती थीं नर्सें
- एसपी और सीएमएस के बीच चौकी को हटाने को लेकर था विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल परिसर के नर्स हाॅस्टल में चल रही पुलिस चौकी का विवाद अब खत्म हो गया है। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस कर्मियों को नई पुलिस चौकी बनाकर दे दी है। जल्द ही यहां से पुलिस चौकी कार्य करना शुरू कर देगी। चौकी हटाने को लेकर दो माह से एसपी और सीएमएस में ठनी थी। विवाद को खत्म करने के लिए नई पुलिस चौकी बनवा दी गई है। हॉस्टल खाली होने पर अब नर्सें उसमें रह सकेंगी।
जिला अस्पताल के नर्स हॉस्टल में सात साल पूर्व कलक्ट्रेट के नाम से पुलिस चौकी स्थापित की गई थी ताकि इमरजेंसी में आने वाले व विवाद करने वाले लोगों पर नजर रखी जा सके। हाॅस्टल में पुलिस चौकी चलने से अस्पताल में काम करने वाली स्टाफ नर्सों को किराए पर कमरा लेकर रहना पड़ रहा था। सीएमएस डॉ. महेश प्रसाद ने जून में एसपी को पत्र लिखकर हॉस्टल से पुलिस चौकी को हटाने की सिफारिश की थी। इसको लेकर गतिरोध उत्पन्न हो गया था। अस्पताल में दुर्घटना में मृत शव के लिए भेजे जाने वाले पीआई को पुलिस नहीं ले रही थी। इसकी वजह से अस्पताल प्रशासन के समक्ष विकट समस्या उत्पन्न हो गई थी। उसके बाद सीएमएस ने इमरजेंसी के साथ बने गैराज को तोड़वा कर पुलिस चौकी का निर्माण कराया। पुलिस चौकी पूरी तरह से तैयार हो गई है। जल्द ही नई पुलिस चौकी इसमें कार्य शुरू कर देगी।
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अब स्टाफ नर्स का नहीं चलेगा बहाना, समय से पहुंचना होगा अस्पताल
जिला अस्पताल में अब स्टाफ नर्स देर से आने का बहाना नहीं बना सकेंगी। अब उन्हें अस्पताल के 15 कमरों के हॉस्टल में ही रहना होगा। नर्स हॉस्टल के दो कमरों में सात साल पहले पुलिस चौकी बना दी गई थी, जिसकी वजह से नर्सों को बाहर रहना पड़ रहा था। पुलिस कर्मियों को नई पुलिस चौकी मिल गई है। इसके बाद अब हॉस्टल की मरम्मत का कार्य होगा और उसमें नर्सें रहेंगी।
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पुलिस चौकी बनकर तैयार हो गई है। जल्द ही इसमें चौकी को शिफ्ट करा दिया जाएगा। इसका उद्घाटन डीएम और एसपी से कराया जाएगा। नर्स हाॅस्टल की मरम्मत कराकर उसे नर्सों को आवंटित किया जाएगा, ताकि वे अस्पताल परिसर में ही रहकर समय से डयूटी कर सकें। -डॉ. महेश प्रसाद, सीएमएस