संवाद न्यूज एजेंसी
महुली। दुसाध जाति के व्यक्तियों को जिला प्रशासन गैर जाति उपजाति में उलझाकर बांटने का प्रयास कर रहा है, और शासनादेश का उल्लंघन कर रहा है। डीएम के द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों एवं तर्कों से यह तो स्पष्ट है कि ढाढ़ी दुसाध की ही एक उपजाति है।
अखिल भारतीय दुसाध कल्याण परिषद के प्रदेश अध्यक्ष एवं लोक जन शक्ति पार्टी रामविलास के जिलाध्यक्ष लाल चंद्र दुसाध ने जिला कमेटी व मंडलीय फोरम कमेटी के आदेश से क्षुब्ध होकर कहा कि जिम्मेदार अपने ही दिए आदेश को नहीं मान रहे हैं। जो शासनादेश में नहीं है। किसी भी जाति का प्रमाणपत्र जारी करने के लिए उसके उपजाति को संज्ञान में नहीं लिया जाता है। जिला कमेटी के पूर्व के आदेश में स्पष्ट है कि अभिलेख में ढाढ़ी अंकित होने के बाद भी अनुसूचित जाति दुसाध का प्रमाणपत्र जारी किया जाए, जिसे तहसील प्रशासन नहीं मान रहा है।
जिला व तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है। तहसील प्रशासन पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर गलत रिपोर्ट तोड़ मरोड़ कर दे रहा है। जो विधिवत विधि अनुरूप नहीं है। दुसाध जाति काे अपूर्णीय क्षति होने से लोगों में आक्रोश है।