गुरु पूर्णिमा उत्सव के उपलक्ष्य में 11 कलाकार हुए सम्मानित
मगहर। उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग लखनऊ के अंतर्गत कबीर चौरा स्थित संत कबीर अकादमी में गुरु पूर्णिमा उत्सव के उपलक्ष्य में सोमवार को एक भव्य कलाकार सम्मान समारोह का आयोजन अकादमी के निदेशक अतुल द्विवेदी की अध्यक्षता में हुआ।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आमंत्रित कुल 11 कलाकारों को उनकी लोक गायन कलाओं एवं परंपरागत सांस्कृतिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। एमएलसी सुभाष यदुवंश ने कहा कि जो हमें अंधकार से प्रकाश की तरफ ले जाता है वही गुरु कहलाता है। संस्कृति के 75 वर्ष के वाहकों को सम्मानित करने से हम सभी का सम्मान बढ़ा है। ऐसे कार्यक्रम होने से युवा कलाकारों को प्रेरणा मिलती है।
विधायक मेंहदावल अनिल त्रिपाठी ने कहा कि सम्मानित हुए कलाकारों ने लंबे समय तक अपनी संस्कृति गायन को जीवित रखा है। जिनसे लोगों को प्रेरणा मिली है।
संस्कृति की विरासत को अपने अंदर संजोने वाले कलाकारों का सम्मान उनके विरासत को मजबूती प्रदान करेगा। सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने कहा कि विभिन्न गायन विधाओं में पारंगत कलाकारों का सम्मान होना अच्छी बात है।इससे इनमें ऊर्जा का और संचार होगा।
उन्होंने कार्यक्रमों में व्यवस्था और भव्यता लाने के लिए अकादमी के निदेशक को कार्यक्रम पूर्व जनपद व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा क्षेत्रीय विद्यालय प्रबंधकों से कार्यक्रम पूर्व बैठक करने का भी सुझाव दिया। अध्यक्षता कर रहे अकादमी के निदेशक अतुल द्विवेदी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान पीबी गर्ल्स इंटर काॅलेज खलीलाबाद की छात्राओं ने कबीर निर्गुण पेश किया। कार्यक्रम का संचालन स्वीटी सिंह ने किया।
इस अवसर पर महंत विचार दास, चेयरमैन प्रतिनिधि नूरुज्जमा अंसारी, पूर्व जिलाध्यक्ष जगदम्बा श्रीवास्तव, पूर्व चेयरमैन संगीता वर्मा, राजेश उर्फ गुड्डू वर्मा, ज्ञानेन्द्र मिश्रा, भानु प्रताप सिंह, डाॅक्टर हरिशरण शास्त्री, शांति दास आदि मौजूद रहे।
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शिविर में 38 दिव्यांगों का बना प्रमाण पत्र
संतकबीरनगर। सीएमओ कार्यालय परिसर में सोमवार को दिव्यांग जांच शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में कुल 52 दिव्यांग पहुंचे थे। जिला अस्पताल के नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार सिंह ने एक-एक कर दिव्यांगों के दिव्यांगता की जांच की। जिसमे से कुल 38 लोग प्रमाण पत्र के लिए पात्र पाए गए। अन्य दिव्यांगों को प्रमाण पत्र के कमी के कारण उन्हें दूसरे दिन आने को कहा गया। संवाद