सेमरियावां। एआरसी पीजी काॅलेज मूड़ाडीहाबेग में मंगलवार को बदलता परिदृश्य और उसकी चुनौतियां विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान बंगलौर से आए एक्सपर्ट नसीम अहमद ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय और तकनीकी क्षेत्रों में होने वाले निरंतर बदलाव को देखते हुए बच्चों को सही मार्ग दर्शन की जरूरत है। इसके साथ ही बच्चों को शिक्षा अधिकार कानून, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हमें सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय और तकनीकी बदलावों को समझना होगा। वैश्वीकरण, शहरीकरण और सांस्कृतिक विविधता के कारण समाज की संरचना बदल रही है। लोग अधिक जागरूक और जुड़े हुए हैं, लेकिन असमानता और सामाजिक तनाव भी बढ़ रहे हैं। नौकरियों का स्वरूप बदल रहा है। डिजिटल क्रांति, ब्लॉकचेन और डेटा एनालिटिक्स ने जीवन को तेज और जटिल बनाया है। तकनीकी प्रगति से कुछ लोग बहुत आगे बढ़ रहे हैं, जबकि अन्य पीछे छूट रहे हैं। इससे सामाजिक अस्थिरता बढ़ सकती है। बदलाव के साथ अपने आपको अपडेट रहने की जरूरत है।
आईआईंटी दिल्ली से आए मोवस्सिर सैयद अली ने कहा कि शिक्षा प्रणाली और शिक्षा के माध्यम से लोगों को विभिन्न मुद्दों, विषयों और अवधारणाओं के बारे में जागरूक करना होगा। यह जागरूकता कार्यक्रम व्यक्तियों के ज्ञान और समझ को बढ़ाने, उनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने और समस्याओं को हल करने की दिशा में कार्रवाई को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा जागरूकता समाज के विकास और उन्नति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। संचालन नेशनल इंटर कॉलेज मूड़ाडीहाबेग के प्रधानाचार्य मुजीबुल्लाह ने किया।
इस दौरान एआरसी पीजी कॉलेज मूड़ाडीहाबेग प्रबंधक शमशेर अहमद, पूर्व प्रधानाचार्य इनामुलहक, अबू बकर,डाॅ. असाद, गौहर अली खान, मोहम्मद अहमद, मकसूद नकवी, फैजान अहमद, सुहेल अहमद, शादाब अहमद, अरशद जलाल, रईस अहमद, फैयाज अहमद, मोहम्मद मुकर्रम, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।