संतकबीरनगर। जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान में पांच दिवसीय एकीकृत प्रशिक्षण की शुरूआत सोमवार को हुआ। जिसका शुभारंभ डॉयट प्राचार्य व उप शिक्षा निदेशक धीरेंद्र त्रिपाठी ने किया। प्रशिक्षण में पाठ योजना, जीवन कौशल, समावेशी शिक्षा, पुस्तकालय उपयोगिता, नेतृत्व क्षमता, सुरक्षा एवं संरक्षा, संस्कृत, गणित, अंग्रेजी भाषा, नैतिकता एवं मूल्यबोध, नवाचारी शिक्षण, सुरक्षा एवं संरक्षा आदि विषयों पर शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
उप शिक्षा निदेशक व प्राचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी ने शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों का छात्रों से आत्मीय संबंध, कक्षाओं में नामांकन बढ़ाना, छात्रों का सर्वांगीण विकास करना व छात्र हित में प्रत्येक समुचित कार्य करना इत्यादि पर बल दिया गया। उन्होंने कहाकि शिक्षक भविष्य के निर्माता होते हैं। इसलिए बदलते समय, तकनीकी प्रगति तथा नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों को भी समय-समय पर प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।
यह संपूर्ण मॉड्यूल शिक्षकों को नई शिक्षा नीति की मूल भावना को समझने के अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहाकि बाल केंद्रित तथा समावेशी शिक्षण की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही शिक्षण प्रकिया को किस प्रकार आनंददायक तथा प्रभावशाली बनाए जाए पर केंद्रित रहेगा कहा कि शिक्षकों के कंधों पर भारत के भविष्य का निर्माण करने की जिम्मेदारी है।
अतः यह आवश्यक है कि आपने अपने आप को इन प्रशिक्षणों के माध्यम से समय समय पर अपडेट करते रहें। बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं उन्हें जिस प्रकार तराशा जाता है वह उसी प्रकार ढल जाते हैं। बच्चों को यदि सही शिक्षा, संस्कार व मार्गदर्शन दिया जाए तो वह देश को प्रगति व विकास के मार्ग पर ले जाते हैं। इस दौरान परिषदीय विद्यालय के शिक्षक मौजूद रहे।