जिला अस्पताल में मरीजों को देखते चिकित्सक
संतकबीरनगर। उमस के बीच बच्चे पेट में संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में पेट में संक्रमण के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। बाल रोग विशेषज्ञ ने अभिभावकों को बच्चों के प्रति सजग रहने की सलाह दी है।
जिला अस्पताल के रिकाॅर्ड के अनुसार एक सप्ताह पहले तक संक्रमण से पीड़ित बाल मरीजों की संख्या 20 से 30 होती थी। अब जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में पहुंचने वाले बाल मरीजों में संक्रमण की संख्या 40 से 60 पहुंच गई है। बाल रोग विशेषज्ञ के पास पहुंचने वाले बच्चों में अधिकतर बच्चे दस्त के साथ पेचिस की चपेट में आ रहे हैं।
इधर पिछले एक माह से बारिश न होने के चलते उमस भरी गर्मी बढ़ गई है। इस गर्मी में सभी परेशान है। इससे सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बाल रोग के कक्ष में 200 बच्चे इलाज के लिए आते है तो उसमें से 40 के करीब संक्रमण से पीड़ित होते हैं। उमस से घरों का खाना-पानी दूषित हो रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने अभिभावकों को बच्चों के प्रति सजग रहने की सलाह दी है। पानी दूषित होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। इस कारण बच्चे पेट में संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।
संक्रमण के कारण : बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह का कहना है कि ग्रामीण अंचल में हैंडपंप की बोरिंग अधिक गहरी नहीं है। इससे आस पास पानी जमा होने के चलते वह हैंडपंपाें तक पहुंच जाता है। बच्चों के अंदर संक्रमित वस्तुओं से लड़ने की अधिक क्षमता नहीं होती है। इसलिए वे जल्दी से संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं।