संतकबीरनगर। सर्दी बढ़ने के साथ बच्चों में निमोनिया के मामले बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल और निजी चिकित्सकों के पास बच्चों के इलाज के लिए भीड़ देखने को मिल रही है। बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार, डायरिया की शिकायत आ रही है।
गलन भरी सर्दी और ठंडी हवाओं के कारण बच्चे आसानी से संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। तेज बुखार, खांसी, नाक बहना, सांस लेने में तकलीफ, थकान और भूख न लगना आदि की शिकायत होने पर अभिभावक बच्चों को लेकर जिला अस्पताल आए। जिला अस्पताल में कुल 60 बच्चे आए थे। इनमें से 10 बच्चों में निमाेनिया के लक्षण मिले। डॉक्टरों ने अभिभावकों से बच्चों को गर्म कपड़ों में लपेटकर रखने और ठंडी हवा से बचाने की सलाह दी। इसके अलावा बच्चों को पौष्टिक और गर्म भोजन देने, पर्याप्त पानी पिलाने और हाथ-मुंह साफ रखने पर जोर दिया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ डीके सिंह के अनुसार कोहरे के समय में बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। माता-पिता को सतर्क रहना चाहिए।
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लक्षण
- लगातार तेज बुखार व पीली या हरी बलगम वाली खांसी
- तेजी से या कठिनाई से सांस लेना, सीने में दर्द।
- भूख न लगना, खाने-पीने में अरुचि व ठंड लगना
- गले में खराश या कान में दर्द।
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बचाव के उपाय
- टोपी, मोजे और गर्म कपड़े पहनाकर ठंडी हवा से बचाएं
- खांसते, छींकते समय मुंह ढकें, पौष्टिक भोजन लें, पानी पिए
- ज्यादा भीड़ वाले स्थानों पर बच्चों को न ले जाएं
- समय पर टीकाकरण कराएं, सर्दी और खांसी पर ध्यान दें