मेंहदावल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहदावल में प्रसव के बाद उपचार के दौरान नवजात की मृत्यु व महिला की स्थिति गंभीर होने के मामले में डीएम ने जांच बैठा दी है। एसडीएम मेंहदावल को जांच अधिकारी नामित किया है। मामले की जांच जल्द शुरू होगी।
22 मई को दिलीप मिश्र पुत्र कन्हैया लाल मिश्र निवासी खजुरा थाना मेंहदावल की पत्नी प्रीति मिश्रा को प्रसव के लिए मेंहदावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि स्टॉफ नर्स कमला की देखरेख में उपचार शुरू हुआ। दर्द नहीं शुरू होने पर स्टॉफ नर्स कमला के जरिये कई बार इंजेक्शन दिया गया, फिर भी दर्द नहीं हुआ। लोगों ने रेफर करने का अनुरोध किया, लेकिन स्टॉफ नर्स के जरिये पांच हजार रुपये में सामान्य प्रसव कराने के लिए कहा गया।
आरोप है कि स्टॉफ नर्स के जरिये पैसे लेकर जबरन सामान्य प्रसव कराया गया, जिसके परिणाम स्वरूप बच्चे के शरीर पर कई चोटें आई। जच्चा बच्चा दोनों को काफी मुश्किल हालत में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां पहुंचने के छह दिन उपरांत बच्चे की मृत्यु हो गई, जबकि महिला आज भी बच्चेदानी की समस्या एवं किडनी की समस्या से जूझ रही है। पीड़ित ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पैसे के लालच में लोगों के साथ जान से खेलने का आरोप लगाते हुए डीएम व एसपी को पत्र लिखकर स्टॉफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
इस मामले में डीएम संदीप कुमार ने एसडीएम को जांच करने को कहा था। एसडीएम मेंहदावल योगेश्वर सिंह ने कहा कि अभी तक जांच के लिए पत्र नहीं मिला है। जैसे ही पत्र मिलेगा मामले की जांच शुरू की जाएगी।