संतकबीरनगर। भगवान भास्कर को उगते समय अर्घ्य देने के लिए सुबह घाट पर पहुंच गईं। भोर में ही घाटों पर पहुंचीं व्रती महिलाओं ने घुटने भर पानी में खड़े होकर सूर्योदय तक की कठिन तपस्या कीं। पूरब दिशा में आसमान में लालिमा दिख्ाते ही अर्घ्य देकर व्रत पूरा किया। इस दौराना नदी-घाटों पर मेले जैसा माहौल रहा।
भोर में घाटों पर पहुंचीं व्रती महिलाओं ने पूजन स्थल पर वेदी सजा दी। गन्ने के मंडप में गीत गाते हुए छट्ठी मैया की विधिवत पूजा की, उन्हें चावल का पीला अच्छत, चंदन, पुष्प, सिंदूर से पूजकर नारियल, शरीफा, सेब, केला, नींबू, कच्ची, अमरूद, मूंगफली, आंवला, पपीता, मीठा ठेकुआ चढ़ाया, दीप जलाए और मन्नतें मांगीं।
महिलाएं घुटने भर पानी में खड़े होकर सूप में फल आदि सब लेकर सूर्यदेवता को अर्घ्य देने के लिए प्रस्तुत हुई तो उनके सहयोगी पति ने दूध और जलधार गिराकर अर्घ्य में सहयोग दिया।..आवहु आवहु हे सुरुज देव! मानहु विनती हमार!!....पूरी करहुं मनकाम हे छट्ठी मैया.. आदि छठमाता के गीतों की गूंज के साथ शुक्रवार को भोर के वक्त में पूजा समारोह स्थल का वातावरण अद्भुत आध्यात्मिक छटा बिखेर रहा था।
अरुण आभा वाले भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के बाद महिलाएं पूजा मंडप में पुन: मां के सामने पहुंचीं। देवी के वेदी के सामने वस्तु रख आरती उतारीं, प्रणाम कर मनोवांछित फल मांगा। फिर पति के हाथों प्रसाद ग्रहण किया। इस बीच घाट पर पहुंचे सभी लोग अपने परिजनों के साथ अलग-अलग इस परंपरा को निभाने में लगे रहे। हर मंडप दिव्य आभा से देवपुरी सा दृश्य उपस्थित कर रहा था।
खलीलाबाद के कोतवाली स्थित पोखरा, सुगर मिल के पास काफी भीड़ रही। नगरपालिका प्रशासन के साथ जिला प्रशासन ने प्रकाश के साथ पेयजल का बंदोबस्त किया था। सुरक्षा में पुलिस लगी रही। इसी प्रकार सुगर मिल कालोनी के सरोवर और विधियानी मां समय जी के पोखरे पर जुटे श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया और छठमैया के गीतों के बीच पूजा अर्चना की। छत्तीस घंटे का कठोर निर्जल व्रत करते हुए सूर्य देवता को अपनी श्रद्धा अर्पित करने वाले भक्तों ने...कहा हे छठी मैया फिर आना और अगले साल हमारी पूजा स्वीकार करना।
यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का भी रहा। धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार बिड़हरघाट, हरिहरपुर नगर पंचायत के पोखरे और कुआनो नदी के किनारे राजघाट और मुखलिसपुर मंदिर के पास, बखिरा के भंगेश्वरनाथ, मेंहदावल के कुबेर नाथ पोखरे तथा राप्ती नदी के तट पर श्रद्धालुओं ने प्रात:काल उदय होते सूर्य को अर्घ्य दिया। हर पूजा स्थल पर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही।
छठ पूजा पर पोखरे का हुआ उद्घाटनः मगहर। विकास खंड खलीलाबाद अंतर्गत ग्राम पंचायत बयारा स्थित चौखड़िया की समय माता स्थान के निकट एक पोखरी का निर्माण किया गया। इसका उद्घाटन छठ पूजा के मौके पर प्रधान ने विधि विधान से पूजा करने के पश्चात फीता काटकर किया। इस अवसर पर बलवंत यादव, पुरुषोत्तम कुमार, चंद भूषण यादव, राम प्रीत यादव, उमेश चंद, धर्मेंद्र यादव, अजय कुमार, सदानंद यादव सहित तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।
सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने तोड़ा व्रतः मगहर। छठ पूजा के अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाओं ने व्रत को तोड़ा। आमी तट पर श्रद्धालुओं ने प्रसाद का वितरण किया। आमी तट पर स्थित पंचवटी शिव मंदिर पर व्रती महिलाएं भोर में ही पहुंच गईं। घंटों कठिन साधना के बाद पूरब दिशा में लालिमा दिखी तो अर्घ्य देने के लिए अफरातफरी मच गई।
विधिपूर्वक अर्घ्य देने के बाद व्रत को तोड़ा। इस दौरान मेला भी लगा। जहां सुरक्षा में सीओ रमेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस कर्मी मुस्तैदी से लगे रहे। इस मौके पर पंडित अश्विनी मिश्रा, सत्य नारायण मिश्रा, शिवानंद वर्मा, निवर्तमान चेयरमैन अश्विनी कुमार गुप्त, रणजीत यादव, अवधेश सिंह, गजेंद्र गुप्ता, टीएन वर्मा, नीरज गुप्ता, संगीता वर्मा, अबरार आलम, नुरूज्जमा अंसारी, प्रेम लता गुप्ता, निर्मला यादव, अभिजीत श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।