मंडल महामंत्री ध्रुवचंद ने कहा कि रसोईयों से अधिकांश विद्यालयों पर झाड़ू लगवाया जाता है जो ठीक नहीं है। रसोइयों का बकाया मानदेय नहीं दिया जा रहा है।
मानदेय को सीधे खाते में भेजा जाए। इसके साथ ही अधिकांश विद्यालयों पर हैंडपंप खराब है जिससे रसोइयों को खाना बनाने में कठिनाई होती है।
रसोइयों को बिना काम के 10 बजे से चार बजे तक विद्यालय पर रोका जाता है। 11 माह कार्य कराया जाता है और 10 माह का वेतन दिया जाता है। जिसे संगठन बर्दास्त नहीं करेगा।
विजयनाथ तिवारी ने कहा कि रसोइयों के मानदेय का भुगतान खाते के माध्यम से ही किया जाए तो कि शासनादेश में भी है। जिलाध्यक्ष रमा गौड़ ने कहा कि रसोइयों के साथ हो रहे अन्याय को संगठन बर्दास्त नहीं करेगा।
इसके लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। मानदेय के लिए विभाग हमेशा लचीला रवैया अपनाता है। कम मानदेय मिलता है इसमें भी देरी की जाती है।
उन्होंने कहा कि रसोइयों का मानदेय बढ़ाया जाए। उर्मिला चौधरी ने कहा कि रसोइयों के मानदेय में बढ़ोत्तरी को लेकर आगामी नौ मार्च को रसोइया बहने लखनऊ प्रस्थान करेंगी।
धरने का संचालन ध्रुवचंद ने किया। इस अवसर पर उर्मिला देवी, सीमा देवी, अकलीमुन्निशा, अशामा खातून, लालमती, कविता देवी, कमलावती देवी, संगीता देवी, प्रेमशीला, खैराती, माया, उषा, मैना, गीता, सुमन, मंजू आदि मौजूद रहे।