- धनघटा में आरक्षण के समर्थकों ने दुकान बंद करने से मना करने पर किया हंगामा
- एसडीएम, सीओ पुलिस बल के साथ पहुंचकर दुकानदारों से घटना की ली जानकारी
- उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरा खंगाल रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। बुधवार को आरक्षण के समर्थन में भारत बंद के दौरान धनघटा में आरक्षण समर्थकों ने जमकर बवाल काटा। जिन दुकानदानों ने दुकान बंद करने से मना किया वहां तोड़फोड़ करते हुए लूटपाट भी की गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी जांच-पड़ताल करके उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं।
भारत बंद के ऐलान पर धनघटा तहसील बाग में सुबह 11 बजे हजारों की भीड़ एकत्रित हो गई। भीड़ से निकले सैकड़ों लोगों ने जो दुकाने खुली थीं उन्हें बंद कराना शुरू कर दिए। स्टेशनरी के दुकानदार राधेश्याम यादव ने बताया कि सामान बाहर से अंदर करने में विलंब हुआ तो प्रदर्शनकारी बैग और बैट लेकर चले गए। उसके बाद प्रीति शू सेंटर पर पहुंचे। वहां दुकान बंद करने के लिए कहे जिसे लेकर दुकानदार से बहस होने लगी। दुकानदार उदयराज का कहना है कि भीड़ में शामिल लोग दुकान में घुसकर लूटपाट करने लगे। जूता ,चप्पल आदि सामान उठा ले गए। जाते समय जानमाल की धमकी भी दिए। वहीं दुकानदार उदयराज ने पुलिस को प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शनकारी यही नहीं रुके आगे बढ़ते हुए धनघटा चौक पर पहुंचकर फल की दुकानों पर भी लूटपाट किए। थोड़ी देर के लिए व्यापारी डर कर शटर गिरा दिए। प्रदर्शनकारी लूटपाट करने के बाद फिर तहसील बाग में पहुंच गए। घटना के बाद एसडीएम, सीओ पुलिस दल के साथ दुकानदारों के वहां पहुंचे और वहां दुकानदार से घटना की जानकारी लेते हुए जांच-पड़ताल शुरू कर दिए हैं।
उधर एक तरफ व्यापारी तो दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी नागेंद्र, दुर्विजय, धीरज ने व्यापारी उदय राज पर जातिसूचक शब्द कहने का आरोप लगाते हुए पुलिस को प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों के सामने असहाय दिखी पुलिस
- थाना के 200 मीटर परिधि में होता रहा उपद्रव
संवाद न्यूज एजेंसी
बुधवार को सैकड़ों की संख्या में धनघटा तहसील बाग से नारेबाजी करते हुए धनघटा थाना के सामने से निकले प्रदर्शनकारियों ने चौक पर पहुंचकर जिस तरह से उपद्रव मचाया, इसका अंदाजा प्रशासन को पहले से नहीं था। जिसका नतीजा रहा की प्रदर्शनकारी शांति व्यवस्था को दरकिनार कर एक के बाद एक दुकान में पहुंचकर तोड़फोड़ और लूटपाट करते रहे।
बुधवार को आरक्षण के समर्थन में भारत बंद के आहवान पर धनघटा में इतनी भीड़ हो जाएगी इसका अंदाजा लगाने में प्रशासन चूक गया। धीरे-धीरे कार्यक्रम स्थल पर जब भीड़ पहुंचनी शुरू हुई तो पुलिस चौकन्ना नहीं हो सकी। देखते ही देखते हजारों की संख्या में युवकों की भीड़ इकट्ठा हो गई। कार्यक्रम स्थल से भीड़ में शामिल लोग जब चौक की तरफ रुख किए तो चार से छह की संख्या में पुलिस प्रदर्शनकारियों के बीच जरूर पहुंची लेकिन उन्हें रोक पाने में असफल रही। प्रदर्शनकारी बिना डरे घटना को अंजाम दिए। लोगों का कहना है कि जिस तरह का नजारा धनघटा में देखने को मिला उसे साफ जाहिर कि धनघटा में कानून व्यवस्था लचर है।
मामले का जांच-पड़ताल की जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अजय सिंह, सीओ