पडरौना। मौसम में उतार-चढ़ाव लोगों की सेहत को प्रभावित कर रहा है। दिन में तेज धूप के साथ पछुआ हवा और रात के समय हो रही हल्की ठंडक के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। सर्वाधिक संख्या सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस के रोगियों की है। चिकित्सक दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
तापमान में आए इस उतार-चढ़ाव के बीच ठंडी चीजों का सेवन सीधे तौर पर संक्रमण को दावत दे रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक, इस समय ठंडा पानी, कोल्डड्रिंक और आइसक्रीम से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। इनके इस्तेमाल से न केवल गला खराब हो रहा है, बल्कि गलो व फेफड़ों में संक्रमण और निमोनिया जैसी गंभीर स्थिति भी पैदा हो रही है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना आने वाले मरीजों में करीब 40 फीसदी बुखार और 30 फीसदी से अधिक लोग एलर्जी व खांसी से पीड़ित पाए जा रहे हैं।
मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे आहार विशेषज्ञ डाॅ.अर्पिता सिंह ओपीडी में मरीजों का उपचार कर रही थी,जहां उन्होंने मरीजों को दवा के साथ डाइट में मौसम के साथ बदलाव करने के लिए सलाह दे रही थीं। उन्होंने बताया कि सिर्फ दवाओं के भरोसे रहने के बजाय खानपान में बदलाव करना इस समय सबसे जरूरी है। मरीजों को मौसमी फलों के सेवन जैसे संतरा, अंगूर, खीरा, तरबूज, ककड़ी का सेवन करें। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। भोजन में लौकी, तरोई, नेनुआ, भिंडी और ताजा हरी सब्जियों को शामिल करने की सलाह दी। बढ़ रही गर्मी के बीच पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, लेकिन वह सामान्य तापमान या हल्का गुनगुना होना चाहिए।
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ये सावधानी रखकर हो सकता है बचाव
- धूप से आने पर फ्रिज में रखे ठंडे पानी, कोल्डड्रिंक व आईसक्रीम का तत्काल सेवन न करें।
- सुबह और रात के समय शरीर को पूरी तरह ढंक कर रखें, इसी वक्त ठंड का असर ज्यादा होता है।
- बुखार तीन दिन से ज्यादा रहे या सांस लेने में दिक्कत हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।
- दिनचर्या को नियमित करें, समय से उठें और अपने कार्यों को निपटाएं।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, इससे यूरिन संक्रमण का खतरा कम होगा।
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