-फर्जी शिक्षकों की जांच एक बार फिर एसटीएफ ने शुरू की
-एसटीएफ के आने की रही चर्चा, कार्यालय में मची खलबली
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों की जांच एक बार फिर एसटीएफ ने शुरु कर दी है। एसटीएफ ने शिक्षकों का प्रमाण पत्र व अन्य रिकार्ड बीएसए से मांगा है। इस कार्रवाई में करीब 10 शिक्षक चपेट में आ सकते हैं। जिसको लेकर शिक्षक परेशान हैं और बीएसए कार्यालय में सूची में शामिल नामों की जानकारी हासिल करने में लगे हैं। सोमवार को पूरे दिन एसटीएफ की टीम आने को लेकर चर्चाएं रही, लेकिन टीम नहीं आई।
एसटीएफ ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को पत्र लिखकर फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रहे शिक्षकों का रिकार्ड मांगा है। जिसके बाद महानिदेशक ने बीएसए को सूची में शामिल शिक्षकों के समस्त दस्तावेज देने का निर्देश दिया है। विभागीय सूत्रों की माने तो जिले में करीब 10 शिक्षक फंस सकते हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ शिक्षकों ने अपने आधार कार्ड में पता बदलवाया है और कुछ ने पैन कार्ड का पता बदलवाया है। जिससे इन शिक्षकों पर संदेह जाया जा रहा है। एसटीएफ की सूची आने के बाद ही इनके प्रपत्रों को उन्हें सौपा जाएगा। सोमवार को बीएसए कार्यालय पर एसटीएफ की टीम के आने की सूचना रही, पर देर शाम तक टीम नहीं आई। साथ ही एसटीएफ की सूची में शामिल शिक्षकों के नामों को लेकर लोग उत्सुक दिखे। जो भी कार्यालय पर आ रहा था उसे लोग संदेह की निगाह से देख रहे थे।
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पूर्व में 15 शिक्षक हो चुके हैं बर्खास्त
जिले में पूर्व के चार सालों में एसटीएफ की जांच में 15 शिक्षक फर्जी पाए गए थे। इन्हें बर्खास्त किया जा चुका है। इसमें रणजीत सिंह, श्रेयांश कुमार, राधेश्याम यादव, विनायक कुमार त्रिपाठी, राम मोहन शुक्ल, अविनाश, मंजूलता, किरन, सूर्य प्रकाश, आशा, ध्रुव सिंह, कुसुम, नगमा खातून, पंकज कुमार, सुमन शामिल हैं।
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महानिदेशक स्कूल शिक्षा का पत्र आया है कि एसटीएफ ने जो सूचना मांगी है उसे उपलब्ध कराई जाए। अभी तक एसटीएफ ने शिक्षकों की सूची नहीं दी है। सूची मिलते ही उनका रिकार्ड मंगा लिया जाएगा, जांच एसटीएफ को ही करनी है।
अमित कुमार सिंह, बीएसए