- राजकीय कन्या इंटर काॅलेज में शिक्षकों की कमी
23 शिक्षकों के सापेक्ष तैनात हैं मात्र सात शिक्षक
-गणित और अंग्रेजी के एक भी शिक्षक नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी है। विद्यालय में तैनात सात शिक्षिकाएं 1560 छात्राओं का भविष्य संवार रही हैं। साथ ही गणित और अंग्रेजी विषय के शिक्षक न होने से अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इस विद्यालय में अगर शिक्षकाें की कमी दूर हो जाए तो यह कोई प्राइवेट विद्यालय से कम नहीं है।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की स्थापना 1967 में हुई थी। उस समय जूनियर स्तर तक की मान्यता थी। वर्ष 2008 में इस विद्यालय को इंटरमीडिएट की मान्यता मिली। इसके बाद से यहां पर इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित होनी शुरु हो गईं।
हालात यह है कि वर्तमान में 1560 छात्राओं का नामांकन है। इन छात्राओं को पढ़ाने के लिए कुल सात शिक्षक ही तैनात हैं। जिसमे एक प्रवक्ता व सात सहायक अध्यापक ही कार्यरत हैं। जिसमें प्रवक्ता डॉ नीतू यादव, सहायक अध्यापक माला तिवारी, सोनिया, उषा वर्मा, सिम्मी साहू, कहकसा बानों, बीनू सिंह ही इन छात्राओं को पढ़ाती हैं। यहां पर कक्षा नौ से 12वीं तक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की जाती है, जबकि अंग्रेजी के शिक्षक ही नहीं हैं। इसके साथ ही गणित विषय के शिक्षक की कमी भी बरकरार है।
कितने हैं शिक्षकों व कर्मचारियों के पद
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में शिक्षको के कुल 23 पद हैं। इसमे नौ प्रवक्ता और 17 सहायक अध्यापक के पद हैं। साथ ही 11 चतुर्थ श्रेणी कर्मी और दो लिपिक के पद स्वीकृत हैं। इनमें से एक प्रवक्ता, छह सहायक अध्यापक, पांच चतुर्थ श्रेणी कर्मी और एक लिपिक ही तैनात हैं।
तीन साल पहले हुआ था अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज को वर्ष 2019-20 में कक्षा नौ से 12 वीं तक अंग्रेजी माध्यम की मान्यता मिली थी। उसके बाद से यहां पर अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरु हो गई, पर अभी तक अंग्रेजी के शिक्षक नहीं मिल सके हैं। जबकि इसके लिए प्रधानाचार्य ने कई बार माध्यमिक शिक्षा परिषद को पत्राचार भी किया।
विद्यालय में शिक्षकों की कमी है, कुल सात शिक्षक ही तैनात हैं, जबकि 23 पद स्वीकृत हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद को शिक्षकों के रिक्त पदों की सूचना दे दी गई है। जो शिक्षक विद्यालय में कार्यरत वह पूरी मेहनत से इन छात्राओं के पठन-पाठन की जिम्मेदारी निभाती हैं। अगर शिक्षक मिल जाए तो पठन-पाठन को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
आशा यादव, प्रधानाचार्य, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी की सूचना है। स्वीकृत पद के सापेक्ष शिक्षक नहीं हैं, जबकि छात्र संख्या बेहतर है, इसके लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद को रिक्त पदों के लिए पत्र भेजा गया है, उम्मीद है कि जल्द ही शिक्षक इस विद्यालय को मिल जाएंगे।
संदीप चौधरी, डीआईओएस