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सीडीओ ने छह विभागों की चार साल की उपलब्धियां गिनाईं

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विकास भवन में पत्रकारो से बातचीत करते सीडीओ अतुल मिश्र। - फोटो : KHALILABAD
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सीडीओ ने छह विभागों की चार साल की उपलब्धियां गिनाईं
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बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों को समय से योजनाओं का लाभ दिलाने पर दिया जोर
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। सीडीओ ने सोशल सेक्टर के छह विभागों की पिछले चार सालों की उपलब्धियां गिनाईं। बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों आदि के लिए संचालित योजनाओं का लाभ लोगों को समय से मिले, इस पर पूरा जोर दिया। सीडीओ अतुल मिश्र ने मंगलवार को विकास भवन के सभागार में पत्रकारों से बातचीत की।
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उन्होंने बताया कि पिछले चार सालों में 72,259 बुजुर्गों को वृद्धावस्थ पेंशन योजना का लाभ दिया गया। इस मद में 13,507.06 लाख रुपये खर्च हुए। जबकि 2474 लोगों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिया गया। इसमें 742.20 लाख खर्च हुए। 2301 गरीब कन्याओं को व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना के तहत 460.20 लाख रुपये का अनुुदान दिया गया। जबकि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 989 लोगों की शादी कराई गई। इसमें 464.39 लाख खर्च हुए। दलित अत्याचार से उत्पीड़ित 929 व्यक्तियों को 761.85 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। कक्षा नौ व दस के अनुसूचित जाति के 22318 छात्र-छात्राओं को 561.70 लाख रुपये छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की सहायता दी गई। कक्षा 11, 12 और उसके ऊपर की कक्षाओं के 91,747 छात्र-छात्राओं को 4828. 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति दी गई। इसी तरह पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से संचालित शादी अनुदान योजना के तहत 3441 परिवारों को 688.20 लाख का अनुदान दिया गया। कक्षा नौ व दस के 38,771 छात्र-छात्राओं को 799. 46 लाख और कक्षा 11,12 व उसके ऊपर की कक्षाओं के 71,456 छात्र-छात्राओं को 3420.26 लाख रुपये छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की सहायता दी गई। इसी तरह दिव्यांगजन विभाग की ओर से 7087 दिव्यांगों को 1487.37 लाख रुपये पेंशन की धनराशि दी गई। 35 कुष्ठ रोगियों को 2500 रुपये प्रतिमाह की दर से 106.05 लाख रुपये पेंशन में खर्च हुए। 828 दिव्यांगों में 54.63 लाख की लागत से कृत्रिम अंग का वितरण हुआ। 13 लाभार्थियों को दुकान खोलने के लिए 1.30 लाख रुपये की सहायता दी गई। 17 लोगों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल दिए जाने के लिए चयनित किया गया है। जिले में 20,284 महिलाएं विधवा पेंशन का लाभ पा रही हैं। चार साल में पेंशन पर 4129.38 लाख खर्च हुए। विधवा से पुनर्विवाह पर एक दंपती को दस हजार रुपये का अनुदान दिया गया। निराश्रित महिला की पुत्री की शादी योजना का अनुदान 16 लोगों को दिया गया। दहेज से पीड़ित कानूनी सहायता के लिए 12 महिलाओं को लाभ दिया गया। इसी तरह दहेज से उत्पीड़ित महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रति महीने 125 रुपये दिए जाने की योजना संचालित है। रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष का लाभ 35 लोगों को दिया गया। इस पर 152.30 लाख खर्च हुए। वन स्टॉप सेंटर पर 318 प्रकरण निस्तारित किए गए। मुख्यमंत्री सुमंगला कन्या योजना का लाभ 4398 लोगों को दिया गया। इसी तरह जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से ़45 आंगनबाड़ी केंद्र भवन पूर्ण कराए गए। चार स्कूल उच्चीकृत हुए। नौ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक राजकीय कन्या इंटर कॉलेज व तीन पाइप पेयजल परियोजनाएं पूर्ण र्हुइं। वर्ष 2017-18 से 2020 तक 9,343.08 लाख की लागत से 17 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। जिन्हें 2021-22 में पूर्ण करा लिया जाएगा।
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