संतकबीरनगर। जिले के तीन गांवों में सीबीजी प्लांट लगाए जाएंगे। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इन प्लांटों से बायोगैस (बायो-सीएनजी) बनाई जाएगी। खलीलाबाद, धनघटा और मेंहदावल के गांवों में इसके लिए तीन कंपनियों को जमीन दी गई है। इसमें मेंहदावल तहसील के अमरहा गांव में सड़क निर्माण का काम भी शुरू हो गया है। यहां आईओसी-जीपीएस कंपनी की ओर से सीबीजी प्लांट लगाया जाएगा, बाकी दोनों जगहों पर भी योजना को शुरू करने के लिए प्रशासन व कंपनियों की ओर से काम किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार जनपद में निवेश बढ़ाने के लिए दो साल पूर्व जिला प्रशासन की ओर से सीबीजी प्लांट लगाने के लिए 18 से 20 एकड़ भूमि तीन कंपनियों को दी गई थी। इसमें खलीलाबाद तहसील के परजूडीह गांव में रिलायंस को 18 एकड़ भूमि का आवंटन अतिरिक्त ऊर्जा विभाग नेडा के माध्यम से किया गया था। इसी तरह मेंहदावल तहसील क्षेत्र के अमरहा गांव में आईओसी-जीपीएस को 20 एकड़ भूमि दी गई थी।
इसके अलावा धनघटा तहसील के बगही गांव में पेट्रोनेट को भी जमीन नेडा के जरिये दी गई थी। इसमें रिलायंस की ओर से 240 करोड़, आईओसी-जीपीएस की ओर से 125 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इसी तरह पेट्रोनेट की ओर से 200 करोड़ का निवेश किया जाना है। हालांकि बगही में पेट्रोनेट के अलावा दो और कंपनियों ने अपनी ओर से प्रस्ताव भेजा है, इसलिए यहां पेट्रोनेट द्वारा ही प्लांट लगाया जाएगा, इसकी स्थिति अभी साफ नहीं है।
बाकी दो कंपनियां रिलायंस और आईओसी-जीपीएस की ओर से सीबीजी प्लांट के लिए पहल शुरू कर दी गई है। रिलायंस की ओर से एक टीम जिले का दौरा भी कर चुकी है और अधिकारियों से मुलाकात कर काम के संदर्भ में चर्चा भी कर चुकी है। इसी तरह अमरहा में आईसी-जीपीएस की टीम दौरा कर चुकी है। यहां प्रस्तावित कार्यस्थल तक सड़क बनाई जा रही है।
सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जमीन पर चहारदीवारी का निर्माण होगा। उसके बाद कंपनी प्लांट के लिए कार्य शुरू कर देगी।
सीबीजी प्लांट से बनेगी बायोगैस
सीबीजी प्लांट से गोबर, कृषि अवशेष (पराली), खाद्य अपशिष्ट और कचरे जैसे जैविक पदार्थों को शुद्ध करके संपीड़ित बायोगैस (बायो-सीएनजी) बनाई जाती है। बायोगैस का उपयोग खाना पकाने, बिजली बनाने और वाहनों के लिए स्वच्छ ईंधन के रूप में किया जाता है।
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इलाके के विकास से खुश हैं अमरहावासी
अमरहा के पूर्व प्रधान विजय बहादुर पांडेय ने बताया कि दो साल पूर्व प्रस्ताव गया था। अब प्लांट लगने की सूचना से हमें खुशी है। इससे गांव और इलाके का विकास होगा। इसी तरह सतीश पांडेय व मिथिलेश ने कहा कि सीबीजी प्लांट लगने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गांव व क्षेत्र का विकास होगा। चंद्रभूषण साहनी और संतराम यादव ने कहा कि गांव में सीबीजी प्लांट लगने से हमें खुशी है। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और इलाके का विकास भी होगा। वहीं उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद पाठक ने कहा कि संतकबीरनगर जैसे अपेक्षाकृत पिछड़े जिले में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन बेहद जरूरी है। परियोजना की स्थापना, निर्माण और उत्पादन शुरू होने तक प्रशासन एवं संबंधित कंपनी के स्तर से निरंतर निगरानी आवश्यक है।
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जिले के तीन गांवों में सीबीजी प्लांट लगाया जाना है। इसके लिए अमरहा में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। यह काम पूरा होते ही आईओसी-जीपीएस कंपनी सीबीजी प्लांट के लिए काम शुरू कर देगी। इसी तरह परजूडीह में भी रिलायंस की ओर से सीबीजी प्लांट लगाया जाएगा। कंपनी की ओर से एक टीम इस संबंध में दौरा भी कर चुकी है। इसके अलावा बगही में भी सीबीजी प्लांट प्रस्तावित है।
-विशाल श्रीवास्तव, उद्यमी मित्र
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सीबीजी प्लांट लगाने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। अमरहा में जल्द काम शुरू करने के लिए नेडा को निर्देश दिया गया है। इसके अलावा बाकी स्थानों पर भी काम शुरू कराने के लिए विभाग को कहा गया है।
- आलोक कुमार, डीएम
जनपद में नए निवेश का होना स्वागत योग्य कदम है। इससे विकास के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे लेकिन प्रशासन को चाहिए कि खलीलाबाद औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए भी पहल करे, जिससे कि नए स्थान पर जमीन चिह्नित हो सके और स्थानीय स्तर पर निवेश को बढ़ावा मिले तथा उद्योग-कारोबार शुरू हो सकें। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और संबंधित क्षेत्र का विकास होगा।
-अरविंद पाठक, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन