संतकबीरनगर। खलीलाबाद तहसील में कार्यरत रहे न्यायिक तहसीलदार ने नौ और 12 साल से लंबित राजस्व संहिता के मुकदमों का निस्तारण भी दो दिन में ही कर दिया था। उन्होंने यह भी नहीं देखा कि यह मुकदमे इतने दिनों से क्यों लंबित थे। अब न्यायिक तहसीलदार की कारगुजारी की चर्चा तहसील में खूब हो रही है।
19 सितंबर 2023 को शासन के निर्देश पर चकबंदी अधिकारी चंद्रिका प्रसाद शुक्ल को खलीलाबाद तहसील में न्यायिक तहसीलदार की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने कार्यभार ग्रहण करने के बाद दो दिन में राजस्व संहिता के 130 मामलों का निस्तारण कर दिया। 26 दिन के कार्यकाल में बाद उन्होंने अपना स्थानांतरण करा लिया। इस मामले में जब रिकाॅर्ड देखा गया तो नौ साल और 12 साल से लंबित करीब पांच मुकदमों का भी उन्होंने दो दिन में ही निस्तारण किया था।
उन्होंने इन मुकदमों यह भी नहीं देखा कि यह इतने समय से क्यों लंबित थे। वर्ष 2016 के राजस्व संहिता के तीन मामले जिसमे रामनिहाेर आदि इंद्रीश, लखपाती, वहीं 2012 के राजमती, 2015 के कन्हैया, 2019 के मुनक्का देवी आदि के मामलों का निस्तारण किया।
न्यायिक तहसीलदार को आखिर इतनी जल्दी मुकदमों के निस्तारण में दिलचस्पी क्यों आई इसको लेकर तहसील में चर्चा खूब हो रही है। हर कोई न्यायिक तहसीलदार के कार्यकाल की चर्चा कर रहा है। लोग अब शासन स्तर से कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। न