संतकबीरनगर। शनिवार की रात शहर में निकाली गई गणेश प्रतिमा के जुलूस में नियमों की अनदेखी की गई। डीजे को वाहनों पर अधिक ऊंचाई पर रखे जाने की वजह से बिजली के तारों में स्पर्श करने का खतरा रहा। इसके साथ ही अधिक ध्वनि में डीजे बजाने से आमजन को परेशानी हुई। इसके साथ ही जाम की समस्या भी उत्पन्न हुई। रविवार को पुलिस ने छह डीजे संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया।
कोतवाल रविंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को गणेश प्रतिमा के साथ वाहनों से लोग डीजे के साथ शहर में जुलूस निकाले थे। सुरक्षा ड्यूटी में गोला बाजार चौकी इंचार्ज राजेश कुमार मिश्रा, एसआई अरविंद कुमार, सहयोगी मुख्य आरक्षी पंकज यादव, आरक्षी हंसराज यादव, अनिल प्रसाद, पंकज विश्वकर्मा, प्रदीप राजभर की ड्यूटी गणेश प्रतिमा विसर्जन में लगाई गई थी। पुलिस कर्मी गोला बाजार मोती तिराहा पर मौजूद थे। रात करीब 11.00 बजे गणेश प्रतिमाओं को आयोजकों के जरिये अलग- अलग वाहनों पर लेकर अलग डीजे लगाकर चलाया जा रहा था। इसमें न्यू यादव डीजे ''खलीलाबाद प्रोपराइट कमलेश यादव, गणपति डीजे मुखलिसपुर रोड विधियानी डीसीएम पर डीजे बजाया जा रहा था। रामकिसुन डीजे खलीलाबाद भी डीसीसी पर लगा था। नियाज डीजे इवेंट खलीलाबाद, टीएन डीजे एंड रोड लाइट पुरानी तहसील निकट कोतवाली खलीलाबाद, न्यू शिवम डीजे खलीलाबाद भी वाहनों पर लगा था। लोग साथ-साथ आगे बढ़ रहे थे। डीजे को वाहन की साइज से अगल -बगल व ऊपर इतना बढ़ा कर लगाए थे कि आम जन का आवागमन बाधित हो गया था। डीजे की ऊंचाई पर लगाने से विद्युत तारों में लगने की प्रबल संभावना बढ़ गई थी। डीजे की ध्वनि के कारण वृद्धजनों व बच्चों की काफी धडकन बढ़ गई थी। मौके पर पुलिस कर्मियों ने काफी समझाया, लेकिन कोई भी डीजे संचालक मानने को तैयार नही था। जिससे शांति व्यवस्था कायम रखते हुए सकुशल जुलूस को आगे बढ़ाया गया। डीजे अगल-बगल व अधिक ऊंचाई पर लगाने की वजह से आवागमन के साथ- साथ जनमानस को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। तेज ध्वनि के कारण भी काफी लोगों काे असुविधा हुई। कोतवाल ने बताया कि डीजे संचालकों ने हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना की, जिससे आमजन को परेशानी हुई। छह डीजे संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
इंसेट
डीजे कमेटी मिलकर रखेगी अपना पक्ष
शहर में डीजे चलाने वाले और केस में फंसे डीजे संचालकों ने कहा कि पूर्व में बैठक बुला कर नियमों की जानकारी उन्हें नहीं दी गई। केस दर्ज कर लेने की जानकारी मिली है। इसको लेकर डीजे कमेटी पुलिस के उच्चाधिकारियों से मिलकर अपना पक्ष रखेगी। डीजे संचालक पंकज गुप्ता और नियाज अहमद ने कहा कि डीजे संचालकों की बैठक बुलाकर नियम की जानकारी देनी चाहिए,लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जानकारी के अभाव में गलती हो सकती है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है,लेकिन पूरी सावधानी बरती गई थी। डीजे की ऊंचाई अधिकतम 12 से 12 फिट थी,जिससे तारों के स्पर्श करने का कोई खतरा नहीं था। ध्वनि को भी सीमित रख कर ही बजाया गया। यदि पुलिस को लगा कि नियम विरुद्ध है तो जानकारी देनी चाहिए थी। कमेटी के लोग कोतवाल और एसपी से मिलकर अपनी बात रखेगे।