मगहर के पूर्व चेयरमैन पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज
आय से अधिक संपत्ति के मामले में पाए गए दोषी
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के इंस्पेक्टर की तहरीर पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। नगर पंचायत मगहर के पूर्व चेयरमैन अश्वनी कुमार गुप्ता के खिलाफ खलीलाबाद पुलिस ने भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर किया है। वह आय से अधिक संपत्ति के मामले में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की ओर से की गई जांच में दोषी पाए गए हैं। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर के इंस्पेक्टर अर्जुन यादव ने तहरीर दी थी।
तहरीर में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान ने 28 सितंबर 2017 को नगर पंचायत मगहर के पूर्व चेयरमैन अश्वनी कुमार गुप्ता के खिलाफ खुली जांच का आदेश दिया था। जांच में गुप्ता आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी पाए गए। जांच में ज्ञात हुआ कि गुप्ता निवासी शेरपुर मगहर थाना कोतवाली ने तय अवधि में लोकसेवक के रूप में कार्य करते हुए ज्ञात स्रोतों से कुल 47,06,890 रुपये अर्जित किए, जबकि उसी अवधि में उन्होंने 1,16,71,489 रुपये व्यय किया। ऐसे में जांच के लिए निर्धारित अवधि में पूर्व चेयरमैन ने ज्ञात स्रोतों से अर्जित की रकम के सापेक्ष 69,64,599 रुपये अधिक व्यय किए। जांच के दौरान गुप्ता ने अधिक आय के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया। ऐसे में उन्हें प्रथमदृष्टया दोषी माना गया और जांच आख्या शासन को भेज दी गई। कोतवाल श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि अश्वनी कुमार गुप्ता का यह कृत्य भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की ओर से ही की जाएगी।
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पूर्व चेयरमैन ने साजिश करार दिया
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज होने को नगर पंचायत मगहर के पूर्व चेयरमैन अश्वनी कुमार गुप्ता ने साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए मगहर के अब्दुल रहमान उर्फ विक्की खां ने शासन को शिकायती पत्र दिया था।
गुप्ता का कहना है कि शिकायतकर्ता के बाबा के नाम से गड्ढे की जमीन का पट्टा था, जिसे अपने कार्यकाल में उन्होंने निरस्त कर दिया था। इसके साथ नगर पंचायत के ईओ की ओर से शिकायतकर्ता के खिलाफ दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसी में सुलह के लिए दबाव बनाने के लिए उसकी ओर से शिकायत की गई। गुप्ता ने कहा कि उनके पिता रिटायर्ड उप प्रधानाचार्य थे और भाई भी नौकरी करते हैं। पिता-भाई से मदद ली और खुद टेंट हाउस का व्यवसाय करते हैं। पत्नी ब्यूूटी पार्लर संचालित करती हैं। उनका कहना है कि जांच अधिकारी संतकबीरनगर में ही निवास करते हैं और विपक्षी से प्रभावित होकर जांच की।
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