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Sant Kabir Nagar News: बिना सत्यापन जीएसटी नंबर जारी किया सहायक आयुक्त राज्य कर पर केस दर्ज

Mon, 06 Oct 2025 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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संतकबीरनगर। बिना सत्यापन ही फर्म का जीएसटी नंबर जारी करने और उससे सरकार के राजस्व में क्षति के मामले में पुलिस ने पूर्व सहायक आयुक्त राज्य कर अरविंद कुमार के खिलाफ शनिवार देर रात केस दर्ज कर लिया।
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मई माह में रिटर्न जांच में मामला सामने आने के बाद अरविंद कुमार को निलंबित करते हुए झांसी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था।डिप्टी कमिश्नर राज्य कर के आदेश पर उपायुक्त राज्य कर खंड एक की तहरीर पर पुलिस ने अरविंद कुमार पर कार्रवाई की है। इस मामले में फर्जीवाड़ा करने के आरोपी फर्म के मालिक पर जुलाई महीने में ही केस दर्ज हो चुका है।

उपायुक्त राज्य कर खंड एक राजेश कुमार पांडेय की ओर से कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, अप्रैल महीने में अरविंद कुमार पंजीयन प्राधिकारी थे। उनकी लाॅगिन आईडी से रंजीत सिंह यादव व्यापार स्थल फायर स्टेशन खलीलाबाद औद्योगिक एरिया के नाम से जीएसटी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया गया था। उन्होंने 8 अप्रैल 2025 को अनियमित रूप से पंजीकरण जारी करने के बाद समय से संबंधित फर्म का सत्यापन नहीं किया।
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इसकी वजह से बोगस फर्म ने लगभग 19 करोड़ रुपये की बोगस आईटीसी दिल्ली राज्य के व्यापारी श्री राधे इंटरप्राइजेज व हरियाणा राज्य की अल्फा इंटरप्राइजेज को पास ऑन करते हुए राजस्व को क्षति पहुंचाई। मामले में गंभीर अनियमितताओं के लिए दोषी मानते हुए संयुक्त आयुक्त राज्यकर अरविंद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर झांसी कार्यालय से संबद्ध किया गया था। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के कारण अरविंद कुमार पर अनुशासनिक विभागीय कार्रवाई की गई है। शासन ने इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आदेश दिया है।

कोतवाल पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि मामले में आरोपी तत्कालीन सहायक आयुक्त अरविंद कुमार के खिलाफ केस दर्जकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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यह है पूरा मामला
जीएसटी चोरी की जांच में पता चला कि प्रतापगढ़ के रहने वाले रंजीत सिंह यादव ने फायर स्टेशन, खलीलाबाद सिटी के पते पर यादव इंटरप्राइजेज के नाम से प्रतिष्ठान का पंजीकरण कराया। जांच में वहां इस नाम से कोई प्रतिष्ठान नहीं मिना। प्रतिष्ठान ने बिना किसी बिक्री के फर्जी तरीके से मई माह में 18 करोड़ 96 लाख 53679 रुपये की फर्जी आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) यानी टैक्स भुगतान दर्शाया। गुरुग्राम की कंपनी अल्फा इंटर प्राइजेज को 253 बिल के जरिये 39 करोड़ 23 लाख और नई दिल्ली के प्रतिष्ठान श्री राधे इंटरप्राइजेज को 248 इनवाइस से 37 करोड़ 86 लाख रुपये का माल सप्लाई किया। 30 जून को मामले की दोबारा जांच की गई, जांच में यह लेनदेन फर्जी निकला। इसके बाद 3 जुलाई को कोतवाली खलीलाबाद में संबंधित फर्म के प्रोपराइटर के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
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