धनघटा/लोहरैया। रामजानकी मार्ग पर स्थित मिश्रौलिया गांव में स्कार्पियो की टक्कर से सास-बहू की मौत के बाद लोगों के रास्ता जाम करने के मामले में पुलिस ने महिला के दो बेटों समेत 10 नामजद और 30 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। इसकी जानकारी होने के बाद लोगों में आक्रोश है।
बता दें कि 19 जनवरी की सुबह शौच के लिए जा रहीं तीन महिलाओं को स्कार्पियो चालक ने रौंद दिया था। घटना में घायल उषा देवी (50) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो बहुएं मीना पत्नी मुकेश (28) और माधुरी पत्नी उमेश (22) गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। माधुरी ने 19 जनवरी की देर रात लखनऊ के केजीएमयू में दम तोड़ दिया। दोनों का शव पोस्टमार्टम के बाद 20 जनवरी की देर शाम गांव आया।
21 जनवरी की सुबह लोगों ने दोनों शवों को रखकर रामजानकी मार्ग जाम कर दिया था। तकरीबन साढ़े तीन घंटे तक रामजानकी मार्ग जाम रहा। जाम को हटाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा के अध्यक्ष प्रतिनिधि नीलमणि ने मौके पर पहुंचकर 60 हजार की आर्थिक मदद के साथ एक बेटे को संविदा पर सफाईकर्मी की नौकरी देने का आश्वासन दिया।
वहीं एसडीएम ने आवास और पट्टे पर जमीन देने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने शव का दाह संस्कार किया था। मामला शांत होने के बाद टांडा चौकी इंचार्ज आजम अंसारी ने मृत उषा के दोनों बेटों मुकेश व उमेश तथा अनिल, संतरा देवी, बनारसी, चन्द्रावती, उषा देवी, यशोदा देवी, पिंटू, पंकज पांडेय और 30 अज्ञात के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया है। धनघटा थानाध्यक्ष रामकृष्ण मिश्रा ने बताया कि चौकी प्रभारी की तहरीर पर 40 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।ु