संतकबीरनगर। बखिरा क्षेत्र के नंदौर कस्बे में एक प्राइवेट अस्पताल में नवजात की मौत के मामले में मंगलवार को अपर सीएमओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की। अस्पताल में न तो चिकित्सक मिले और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। टीम ने अस्पताल को सील कर दिया और सीएचसी अधीक्षक मेंहदावल को अस्पताल संचालक पर केस दर्ज कराने के निर्देश दिए।
सिद्धार्थनगर जिले के मरवटिया चैनपुर बांसी निवासी शकील अहमद ने सीएमओ और डीएम को पत्र देकर आरोप लगाया था कि पत्नी फातिमा खातून को प्रसव पीड़ा हुई। पत्नी उस समय मायका लेदवा श्रीपाल में थी। उसे 11 अक्तूबर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांथा लेकर गया। वहां डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन की जरूरत है और अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। इसे कहीं और ले जा सकते हैं। क्षेत्र की आशा ही अस्पताल लेकर आई थी। उसने एक प्राइवेट अस्पताल के बारे में बताया और उसी अस्पताल से एंबुलेंस मंगा ली और वहां लेकर गई। वहां पर बृहस्पतिवार की रात को बिना किसी सुविधा व सक्षम डॉक्टर के ऑपरेशन कर दिया गया। जिससे बच्चे की मौत हो गई। इसके साथ ही पत्नी की भी हालत गंभीर है। इस मामले को लेकर अमर उजाला ने 14 अक्तूबर के अंक में आशा ने प्राइवेट अस्पताल में प्रसूता को कराया भर्ती, नवजात की मौत शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद 17 अक्तूबर के अंक में सीएमओ पर एतबार नहीं, एसडीएम करेंगे जांच शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई। मंगलवार को सीएमओ ने टीम को जांच के लिए भेजा। अपर सीएमओ डॉ. राम रतन वर्मा, अधीक्षक मेंहदावल डॉ. इंद्रदेव गौरव, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुबारक अली आदि ने अस्पताल की जांच की। जांच में पीड़ित की शिकायत सही मिली। प्रसूता का ऑपरेशन हुआ था और नवजात की मृत्यु होना पाया गया। अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था में अनियमितता थी। चिकित्सक मौके पर नहीं थे। इसके साथ ही स्टाफ भी प्रशिक्षित नहीं था। अस्पताल में तमाम प्रकार की अनियमितताएं मिलीं। अपर सीएमओ डॉ. रामरतन वर्मा ने बताया कि केयर वेल हास्पिटल नंदौर को सील कर दिया गया है। इसके साथ ही सीएचसी मेंहदावल के अधीक्षक को अस्पताल संचालक पर केस दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही परी हास्पिटल नंदौर की जांच की गई। निरीक्षण के समय कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। संचालक अनुपस्थित पाए गए। चिकित्सालय का संचालन स्टाफ नर्स के जरिए किया जा रहा था। अस्पताल संचालक को नोटिस देकर व्यवस्था सुधार करने का निर्देश दिया गया है। व्यवस्था में सुधार न होने पर अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।
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पीड़ित शकील अहमद की शिकायत पर केयरवेल हास्पिटल नंदौर की जांच कराई गई है। वहां पर कोई चिकित्सक व कर्मी नहीं था। टीम ने अस्पताल को सील कर दिया है। इसके साथ ही सीएचसी अधीक्षक मेंहदावल को अस्पताल संचालक के खिलाफ केस दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ