जमीन का पट्टा पाए बीत गए 14 साल, मगर नहीं मिला कब्जा
मेंहदावल (संतकबीरनगर)। गरीबों को घर बनाने और कृषि कार्य के लिए जमीन का पट्टा दिया गया, लेकिन पट्टे की जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया जा रहा है। पट्टा पाए लोग तहसील से लेकर थाने तक का चक्कर काट रहे हैं। उनकी फरियाद अनसुनी कर दी जा जा रही है। इधर मनबढ़ पट्टेदारों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। ऐसी ही पीड़ा लिए तहसील में दो सगे भाई पहुंचे थे। उनकी पीड़ा थी कि 14 साल पहले उन्हें कृषि कार्य के लिए पट्टे पर जमीन मिली थी, लेकिन कब्जा नहीं मिल पाया।
मेंहदावल क्षेत्र में वर्ष 2019-20 में करीब 30 से अधिक गरीबों को जमीन का पट्टा दिया गया। पट्टा देने के बाद भी हल्का लेखपाल व तहसील प्रशासन यह सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं कि लाभार्थियों में कितने लोगों को पट्टा शुदा जमीन पर कब्जा दिलाया जा चुका है। यहां तक कानूनगो रजिस्ट्रार बृजेश कुमार यादव भी इसकी वास्तविक स्थिति नहीं बता पाए। मेंहदावल तहसील क्षेत्र के ग्राम धवरिया थाना दुधारा निवासी दो भाइयों को वर्ष-2006 में जमीन का पट्टा मिला, लेकिन उन्हें जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया। पट्टे की जमीन पर गांव के मनबढ़ कब्जा कर निर्माण कार्य कर रहे हैं और पट्टेदार न्याय के लिए तहसील व थाने का चक्कर काट रहे हैं।
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19 अगस्त-2006 को प्रशासन ने जमीन का पट्टा दिया था। गांव के कुछ मनबढ़ पट्टे की जमीन पर कब्जा नहीं करने दे रहे हैं। जबरन उसके पट्टे की जमीन पर निर्माण कार्य कर रहे हैं। जिम्मेदार उसकी फरियाद को अनसुनी कर रहे हैं।
प्रकाश, निवासी धवरियां
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कृषि कार्य के लिए वर्ष-2006 में जमीन पट्टा का दिया गया, लेकिन पट्टे की जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया। तहसील प्रशासन से गुहार लगाते- लगाते थक गए, लेकिन कब्जा नहीं मिल पा रहा है। मनबढ़ उसके पट्टे की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।
सुभाष, निवासी धवरियां
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पट्टेदारों को आवंटित जमीन पर कब्जा करने का मामला संज्ञान में आया है । राजस्व निरीक्षक व एसओ दुधारा को पुलिस बल के साथ पट्टाधारक की जमीन का सीमांकन कर निस्तारण कराने का निर्देश दिया गया है। पट्टे की जमीन पर पट्टेदार को कब्जा जरूर दिलाया जाएगा।
प्रियंका चौधरी, तहसीलदार