संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्वच्छता के लिए प्रेरित के लिए शासन ने एक और नया कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय में एक स्वच्छता कैप्टन व एक स्वच्छता मॉनीटर का चुनाव होगा। ये सहपाठियों को प्रतिदिन प्रार्थना सभा में स्वच्छता के फायदे बताएंगे। इसके अलावा स्कूल को साफ-सुथरा बनाए रखने में योगदान देंगे।
सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन शहरी और ग्रामीण चला रखा है। इसके जरिए लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया जा रहा है। खुले में शौच मुक्त अभियान भी चल रहा है। जगह-जगह गोष्ठियां कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में शासन ने नया कार्यक्रम शुरू किया है। इसमें परिषदीय स्कूल के छात्रों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने की पहल शुरू की गई है। जिले के 1604 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक-एक मॉनीटर और कैप्टन का चुनाव होगा। इसमें ऐसे बच्चे चुने जाएंगे जो विद्यालय प्रतिदिन आते हों और साफ-सफाई के प्रति जागरूक हों। इस पद पर चुने जाने के बाद कैप्टन व मॉनीटर प्रतिदिन सहपाठियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे। यही नहीं, विद्यालय में हाथ धोने के साबुन, कूड़ादान, टायलेट क्लीनर, फिनायल इत्यादि सामग्रियों के इंतजाम का भी ख्याल रखेंगे। अपर राज्य परियोजना निदेशक देवेश सिंह ने बीएसए को पत्र भेजकर स्कूल मॉनीटर और कैप्टन को रोजाना प्रार्थना सभा में बच्चों को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षित करने को कहा है। बच्चों को एमडीएम के भोजन से पूर्व कैप्टन और मॉनीटर उन्हें हाथ धुलने के लिए बताएंगे। बच्चों के लिए स्वच्छता सप्ताह और पखवाड़ा कार्यक्रम चलेगा, जिसमें स्वच्छता के बारे में जानकारी दी जाएगी। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि समस्त खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं है कि विद्यालयों में मॉनीटर और कैप्टन का चुुनाव कर लें। प्रार्थना सभा में बच्चों को स्वच्छता के बारे में बताया जाए। विद्यालय की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखा जाए।