- शक सच हुआ तो आ सकता है चौंकाने वाला परिणाम
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। लोकसभा चुनाव की मतगणना के तिथि की उल्टी गिनती शुरू हो गई है । प्रमुख दलों के नेता और उनके समर्थक अपने जीत का दावा भले कर रहे हैं, लेकिन भीतरघात की आशंका ने उनके चेहरे से रौनक गायब कर दी है।
11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में जरूर थे, लेकिन मुख्य मुकाबला एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच होना बताया जा रहा है। एनडीए प्रत्याशी इंजीनियर प्रवीण निषाद दूसरी बार अपना भाग्य आजमा रहे थे, तो इंडिया गठबंधन प्रत्याशी लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद पहली बार चुनाव लड़े हैं। इस लोकसभा सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में उतना उत्साह नहीं दिखा जितना मतदाताओं में था।
मतदान का दिन आते-आते मतदाता बोलना भी शुरू कर दिए थे। लेकिन इन सब से इतर बात यह थी कि मतदान के एक दिन के पहले से भीतर घात की चर्चा शुरू हुई जो अभी तक जारी है। प्रमुख नेता भी अपने दल में भीतर घात किए जाने से खुलकर इन्कार नहीं कर पा रहे हैं। कार्यकर्ताओं के जुबान पर भी भीतर घात की चर्चा आ गई है। अगर भीतर घात का की बातें सच साबित हुई तो चौंकाने वाला परिणाम सामने आ सकता है। लेकिन अभी कुल मिलाकर दोनों प्रमुख दल के नेता अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।