- किसान बोले- विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से फसल बर्बाद
मुआवजे की मांग की, सूचना पर पहुंचे एक्सईएन
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। सरयू नहर खंड शाखा खलीलाबाद सेमरियावां ब्लाॅक के लिए आफत बन गई है। शुक्रवार को दुधारा के पास नहर कटने से 500 बीघा गेहूं की फसल डूब गई थी। जिससे किसानों ने फसल के नुकसान की बात की थी। वहीं शनिवार की सुबह उसराशहीद गांव के पास सरयू नहर के दाहिने तरफ बंधा कट जाने से लगभग 100 बीघा गेहूं फसल में पानी भर गया है। किसानों ने विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से फसल बर्बाद करने का आरोप लगाया है। नहर कटने की सूचना पर अधिसाशी अभियंता विश्वनाथ शुक्ला भी कटान स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से कटान की जानकारी ली। इस दौरान किसानों ने मुआवजे की मांग की।
शनिवार को उसराशहीद गांव के पास भोर में कटान होने से लगभग सौ बीघा गेहूं और सरसों की फसल जलमग्न हो गई है। कटान की सूचना से कटान स्थल पर काफी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। उसरा शहीद गांव निवासी इरशाद अहमद ने तत्काल इसकी सूचना जिलाधिकारी व मंडलायुक्त बस्ती को दी। डीएम के निर्देश पर अधिकारी हरकत में आए। लगभग तीन घंटे बाद विभागीय जेई सोनू चौरसिया जेसीबी मशीन के साथ कटान स्थल पर पहुंचे और उसको बंधवाया। तब तक लगभग सौ बीघा फसल पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी थी।
पिछले कई सालों नहर कटने से नुकसान हो रहा है। किसान दिलशाद अहमद, सुहेल अहमद, अब्दुल वाहिद, सलामुल्लाह, संजय कुमार, शकील अहमद तथा वाजिद अली आदि का कहना है पानी छोड़ने से पहले अगर विभागीय अधिकारियों ने नहर का निरीक्षण किया होता तो किसानों की फसल नहीं डूबती। नुकसान से बचा जा सकता है लेकिन यह घोर लापरवाही है।
इससे पहले जाटेडीहा दुबौलिया में सीडीओ ने नहर खंड के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिया था कि पानी निरीक्षण के बाद ही छोड़ा जाए लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जिसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ा। वहीं ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मरम्मत के नाम पर धन की निकासी तो होती है लेकिन कार्य सिर्फ खानापूर्ति तक होता है जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। किसानों ने पानी में डूबी फसल के मुआवजे की मांग की है।
00000 000
वर्जन
नहर कट जाने की जानकारी किसानों की ओर से दी गई। कटिंग होने की जानकारी होने पर तुरंत एक्शन लिया गया। मौके पर पहुंचकर जेसीबी मंगाकर नहर के दाईं तरफ कटे बंधे को बंधवाया गया है। मातहतों को नहर के बंधे का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी जरूरत हो ठीक कराने को कहा गया है।
- विश्वनाथ शुक्ला, अधिशासी अभियंता, सरयू नहर खंड शाखा खलीलाबाद