शहर से गांव तक सड़क पर जानवरों का डेरा, नगर पालिका के सामने अक्सर खड़े रहते हैं जानवर, कदम-कदम पर हादसे का खतरा
संतकबीरनगर। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जानवरों को पकड़ने के लिए अभियान तो कई बार चलाए गए, लेकिन सड़कों पर घूम रहे छुट्टा पशुओं के आंतक से अब तक मुक्ति नहीं मिल पाई है। शहर के पॉश इलाकों की सड़कों पर छुट्टा पशुओं का कब्जा है। इस वजह से आए दिन हादसे होते हैं। नवंबर माह में यातायात माह मनाया जा रहा है, पर छुट्टा पशुओं पर लगाम नहीं लग पा रहा है।
शहर के पाॅश एरिया टीचर काॅलोनी मुख्य मार्ग पर अक्सर जानवरों का जमावड़ा रहता है। यही हाल गोला बाजार, पुरानी सब्जी मंडी रोड, मुखलिसपुर चौराहा समेत शहर के विभिन्न स्थानों पर अक्सर देखने को मिलता है। सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा पशु अक्सर आपस में ही लड़ना शुरू कर देते हैं। यही नहीं आपस में लड़ने के दौरान वाहनों से टकराकर वाहन को क्षतिग्रस्त भी कर देते हैं।
नगर पालिका के पास जानवरों को पकड़ने के लिए वाहन भी उपलब्ध है। समय-समय पर बैठकों में अधिकारियों के समक्ष जानवरों के खुले में घूमने का मुद्दा भी आता है। इसके बाद भी सड़कों से जानवरों का जमावड़ा नहीं समाप्त हो पा रहा है और शहरवासियों को आवागमन में काफी कठिनाई झेलने के लिए विवश हैं। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का भी है। जहां पर सड़क पार करने के दौरान क्षेत्रीय लोग जानवरों से टकराकर घायल हो रहे हैं। स्थिति गंभीर होने पर उनकी मौत भी हो जा रही है।
भीड़ के बीच घूमते हैं छुट्टा पशु
चौक चौराहों समेत विभिन्न स्थानों पर छुट्टा पशुओं के वजह से यातायात व्यवस्था प्रभावित होता है। मुखलिसपुर चौराहा पर सुबह नौ बजे के बाद से ही जानवरों का विचरण शुरु हो जाता है। यहां पर भीड़ के बीच निकलने वाले लोग जानवरों से बचकर निकलते हैं, कही जानवरों से उनकी टक्कर न हो जाए। यही हाल कोतवाली के पास भी अक्सर देखने को मिलता है। खुले घूम रहे जानवर से अक्सर दुर्घटना की आशंका बना रहती है।
नगर पालिका का अभियान भी नहीं साबित हो रहा कारगर
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के पास जानवरों को पकड़ने के लिए अपना वाहन भी उपलब्ध है। इसके बाद भी उनका अभियान कारगर नहीं साबित हो रहा है। दिन में वाहन को लेकर शहर के विभिन्न स्थानों पर कर्मचारी जाकर छुट्टा पशुओं को पकड़ते हैं। इसके बाद भी शहर की सड़कों से जानवरों का जमावड़ा नहीं कम हो पा रहा है।
केस एक
नीलगाय के सड़क पार करने के दौरान मां-बेटा हुए थे घायल
इसी वर्ष 28 अक्टूबर को धनघटा क्षेत्र के बसवारी गांव निवासी अमित कुमार पुत्र शिव कुमार अग्रहरि मां निर्मला पत्नी शिवकुमार के साथ बाइक से बस्ती से वापस घर बसवारी गांव जा रहे थे। वह हरपुर गांव के निकट पहुंचे ही थे कि उसी दौरान एक नीलगाय सड़क क्रॉस कर गया। इसके चपेट में आकर मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए।
केस दो
महिला किसान की हुई थी मौत
तीन अक्तूबर 2023 को चपरा पूर्वी गांव निवासी ज्ञानमती पत्नी इंद्रमन सुबह 10 बजे खेत में फसल देखने गई थी। खेत में छुट्टा पशु चर रहा था, उसे वह भागने लगी। उसी दौरान छुट्टा मवेशी ने उन पर हमला कर दिया। उनके खेत से थोड़ी दूर पर मौजूद लोग दौड़ कर पहुंचे। किसी तरह पशु को भगाया। घायल ज्ञानमती को परिवार के लोग सीएचसी मलौली ले गए, जहां देखने के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
छुट्टा जानवरों को पकड़ने के लिए गाड़ी चल रही है। पकड़ में आने वाले जानवरों को पशु आश्रय केंद्र पर भेजकर संबंधित पशु पालक की खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
- अवधेश कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद खलीलाबाद