संतकबीरनगर। पुलिस कार्यालय के पासपोर्ट सेल में तैनात रहे दरोगा और एलआईयू के मुख्य आरक्षी की मिलीभगत से सत्यापन में बड़ा खेल किया गया। तहकीकात में यह पता चला है कि थानों ने जिन पासपोर्ट में दी गई गलत सूचना को आधार बताकर अस्वीकृति कर दिया था, उन्हीं में आरोपियों ने रिपोर्ट बदलकर उन्हें स्वीकृत कर दिया। तथ्य छिपाकर पासपोर्ट बनवाने वाले आरोपियों के पकड़े जाने के बाद यह राज खुला है। इस मामले में पुलिस को कुछ और लोगों की तलाश है।
तथ्य छिपाकर गलत तरीके से पासपोर्ट बनवाने के मामले में आरोपी संजय यादव, निवासी करनपुरवा, थाना रुद्रपुर, जिला देवरिया और राजेंद्र यादव, निवासी मन्नीपुर सहडौल, थाना गोला जनपद गोरखपुर पकड़े गए। दोनों आरोपियों के पासपोर्ट को बिचौलिया बिधियानी निवासी वीरेंद्र यादव ने तीस-तीस हजार रुपये लेकर बनवाया था। इनके आधार कार्ड को एडिट करके नाम पता गलत अंकित कराया था। पुलिस ने इनके आधार कार्ड से खरीदे गए सिमकार्ड से पता किया और फिर दोनों को गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने दो और लोगों चिह्नित कर लिया है जो गलत पते पर पासपोर्ट बनवा कर बैंकाक जा चुके हैं।
कुछ ऐसे लोग भी चिह्नित हुए हैं, जो दुबई गए हैं। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि जनपद स्तर की आईडी पासवर्ड से 101 आवेदकों के पासपोर्ट को सत्यापित किया गया है, जिनकी थानों से संस्तुति नहीं की गई थी। इसमें छह ऐसे आवेदक है, जिनके खिलाफ आपराधिक रिपोर्ट भी थानों में दर्ज है। एसपी की ओर से सभी 101 पासपोर्ट को निरस्त किए जाने के लिए पासपोर्ट मुख्यालय को रिपोर्ट भेज दी गई है।
101 पासपोर्ट के सत्यापन में प्रारंभिक जांच में अनियमितता सामने आई है। इसमें छह ऐसे लोगों के पासपोर्ट सत्यापित कर दिए गए गए हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। शेष ऐसे लोग हैं, जो दर्शाए गए पते पर निवास नहीं करते हैं। इसमें तथ्य छिपाकर पासपोर्ट बनवाने वाले जैसे-जैसे चिह्नित हो रहे हैं, उन्हें पकड़ा जा रहा है। कुछ और लोग चिह्नित किए गए हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं। इन सभी के पासपोर्ट निरस्त किए जाने के लिए पासपोर्ट मुख्यालय लखनऊ रिपोर्ट भेज दी गई है।
-सत्यजीत गुप्ता, एसपी