सेमरियावां। ब्लाॅक क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय जाने के लिए रोडवेज की बसों का संचालन नहीं हो रही है। कर्मचारी हो या आम जनता सभी को जिला मुख्यालय आवागमन के लिए डग्गामार वाहनों या फिर बाइक और निजी वाहन का ही सहारा लेना पड़ता है। निजी वाहन मनमानी किराया वसूल रहे हैं।
जिला मुख्यालय से लगभग 35- 40 किलोमीटर दूरी पर सेमरियावां ब्लॉक मुख्यालय स्थित है। जनपद के गठन बाद अब तक यहां के लोगों की जिला मुख्यालय के लिए परिवहन निगम की बसों का संचालन किए जाने की मांग पूरी नहीं हो सकी है। लोग डग्गामार वाहन का सहारा लेते हैं। पूर्व में दानोकुइयां चौराहे से परिवहन निगम की एक बस रोज सुबह 7:30 बजे से पैड़ी, सेमरियावां, चिउटना, टेमारहमत होते हुए जिला मुख्यालय व गोरखपुर के के लिए जाती थी। वह भी तीन साल बंद हो गई है। बस संचालन बंद होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के करही, पैड़ी, सेमरियावां, चिउटना, नव्वागांव, टेमारहमत चौराहे पर लोग सवारी वाहन का इंतजार करते हैं। दानोकुइयां में सवारी वाहन में बैठने के बाद पैड़ी चौराहे तक जाना होता है। फिर पैड़ी से सेमरियावां के लिए सवारी वाहन से जाना होता है। सेमरियावां से टेमारहमत के लिए सवारी वाहन पर सवार होना पड़ता है। टेमारहमत से फिर जिला मुख्यालय के लिए सवारी वाहन पकड़ना पड़ता है। उसराशहीद के इरशाद अहमद कहते हैं कि सार्वजनिक बसों का संचालन न होने से लोग निजी वाहन का प्रयोग करने को बाध्य हैं। सेमरियावां कस्बा के तनवीर चौधरी कहते हैं कि ब्लाॅक से जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए केवल डग्गामार वाहन का सहारा है। इसके लिए भी कई जगह वाहन बदलना होता है। बदहाल परिवहन सेवा का दंश जनता झेलने को मजबूर हैं। डड़वामाली के संतोष प्रजापति कहते हैं कि परिवहन निगम की बसें न चलने से मजबूरन जनता को डग्गामार वाहन का सहारा लेना पड़ता है। टैक्सी वालों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने से गरीब जनता को सफर के लिए जेब ढीली करनी पड़ती है।