खुले में लगती है बरदहिया की कपड़ा मंडी।
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कस्बे में लगने वाली पूर्वांचल की सबसे बड़ी कपड़ा मंडी रविवार व सोमवार को गुलजार रहती है। यहां कई जिलों के कपड़ा व्यापारी आते हैं, पर यहां व्यापारियों के लिए कोई सुविधा ही नहीं है। यहां न तो व्यापारियों के रहने के लिए कोई स्थान है और न ही शौचालय। व्यापारी खुले आसमान के नीचे व्यापार करते हैं।
व्यापारी श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बरदहिया मंडी में रेडीमेड कपड़ा बड़े पैमाने पर बिकता है। मौसम के हिसाब से यहां कपड़ा बिकता है। इस थोक बाजार में दूर-दराज से व्यापारी आते हैं, लेकिन पेयजल और शौचालय की व्यवस्था नहीं है। व्यापारी बृजेश गुप्ता ने कहा कि बरदहिया के मंडी में कपड़ा बेचने का धंधा करते हैं। यह मंडी पूर्वांचल की सबसे बड़ी कपड़ा मंडी है। पिछले 10 वर्षों से दुकान लगाते हैं। रविवार सुबह यहां आकर दुकान लगाते हैं। आस-पास के जिलों से व्यापारी सामान खरीदने के लिए आते हैं। इस बाजार में दिल्ली, लुधियाना, कानपुर, सीतापुर आदि स्थानों से भी व्यापारी आते हैं।
खास बात यह है कि रात में भी यहां खरीदारी होती है। बारिश और ठंड के मौसम में व्यापारियों कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जमील अहमद ने बताया कि इस कपड़ा मंडी में दुकानें खुले में लगती है। जिससे परेशानी होती है। राकेश गुप्ता कहते हैं कि बरदहिया बाजार में कपड़े की थोक दुकान लगाते है। बाजार में सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा यहां पर शौचालय, पानी आदि की भी व्यवस्था करनी चाहिए। जिससे व्यापारियों को कोई परेशानी न हो।