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Sant Kabir Nagar News: ब्रिटिश मौलाना के मदरसे पर जल्द चलेगा बुलडोजर

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मोतीनगर ​स्थित ब्रिटिश मौलाना का मदरसा। संवाद
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-कार्रवाई के लिए मंथन में जुटे अफसर, डीएम ने एसडीएम कोर्ट के आदेश को रखा बरकरार, मामले में सुनवाई की अपील भी खारिज
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- मोतीनगर में है मदरसा, विदेश में बैठा है विदेशी फंडिंग व पाकिस्तानी कनेक्शन का आरोपी मौलाना शमशुल हुदा खान

- जांच के लिए जिले में आ चुकी हैं एनआईए और ईडी की टीमें

संवाद न्यूज एजेंसी

संतकबीरनगर। खलीलाबाद के मोतीनगर मोहल्ला स्थित ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के मदरसा मामले में ध्वस्तीकरण का रास्ता साफ हो गया है। डीएम कोर्ट ने एसडीएम कोर्ट के ध्वस्तीकरण आदेश को बरकरार रखा है। वहीं मामले में पहले ही जनवरी में प्रस्तुत स्थगन प्रार्थनापत्र को निस्तारित कर दिया गया था।
डीएम कोर्ट ने अपने आदेश में माना है कि नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र मगहर खलीलाबाद का आदेश अभिलेखोंं व साक्ष्यों का परीक्षण और पक्षों को सुनकर गुणदोष पर पारित किया गया है। इसमें किसी भी प्रकार की विधिक त्रुटि परिलक्षित नहीं होती है। इसके बाद डीएम कोर्ट ने अपील को भी निरस्त कर दिया है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी अब मंथन करने में जुटे हैं। जल्द ही ध्वस्तीकरण के कार्रवाई की संभावना व्यक्त की जा रही है। दूसरी ओर विदेशी फंडिंग और पाकिस्तानी कनेक्शन का आरोपी मौलाना अभी भी विदेश में बैठकर परिजनों के माध्यम से इस कार्रवाई पर रोक लगाने की जुगत में लगा है। मौलाना के मामलों की जांच के लिए एनआईए और ईडी भी यहां आ चुकी हैं।
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डीएम कोर्ट ने मदरसा मामले की सुनवाई के बाद पत्रावली पर उपलब्ध अभिलेखों में पाया कि 28 अगस्त 2014 को क्रय की गई मदरसे की जमीन पर भवन मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए सोसाइटी के मैनेजर की तरफ से आवेदन पत्र वर्ष 2018 व वर्ष 2025 में प्रस्तुत किया गया। संस्था के सरपरस्त शमशुल हुदा खान ने 19 दिसंबर 2013 को ब्रिटेन की नागरिकता हासिल कर ली थी। इसके बाद वह भारतीय नागरिक नहीं रह गया।
ब्रिटेन की नागरिकता प्राप्त कर लेने के बाद कोई भी व्यक्ति बिना सरकार की अनुमति प्राप्त कर भूमि का बैनामा नहीं ले सकता है। संस्था के सरपरस्त ने बिना सरकार की अनुमति के जमीन ली। बैनामा विधि व्यवस्था के तहत बैनामे की तिथि से ही शून्य है। भूमि को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के तहत पूर्व में ही राज्य सरकार के खाते में निहित किया जा चुका है। भवन के लिए प्रबंधतंत्र द्वारा जो मानचित्र प्रस्तुत किया गया वह सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकृत नहीं हुआ है। इसके बाद भी भूमि पर भवन निर्माण करा लिया गया। नियम प्राधिकारी ने अभिलेखों का परीक्षण करते हुए तथा पक्षों को सुनकर गुणदोष के आधार पर 13 जनवरी 2026 को आदेश पारित कर समस्त निर्माण को ध्वस्त कराने का आदेश दिया है। इसमें किसी भी प्रकार की विधिक त्रुटि परिलक्षित नहीं होती है।

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एनआईए और ईडी ले गई हैं कई आवश्यक दस्तावेज
ब्रिटिश मौलाना से जुड़े मामलों की जांच के लिए 11 फरवरी को लखनऊ से ईडी की टीम संतकबीरनगर पहुंची थी। दो दिनों की जांच में टीम ने कुल 17 चल-अचल संपत्तियों के रिकॉर्ड खंगाले। इसकी अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ है। इससे संबंधित रिकॉर्ड ईडी अपने साथ ले गई है। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में पांच करोड़ रुपये मिले थे, जिसे टीम ने फ्रीज करा दिया है। वहीं अगले दिन एनआईए की टीम भी यहां पहुंची थी। वह कलक्ट्रेट के कुछ विभागों में जाकर संपत्ति से संबंधित दस्तावेज खंगाले थे। इसके अलावा आजमगढ़ जनपद से वेतन मद में 16 लाख भुगतान के मामले में वहां भी जांच टीम गठित है।
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एसडीएम कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने के साथ ली थी हाईकोर्ट की शरण

मदरसा प्रबंधन ने एसडीएम कोर्ट के आदेश के खिलाफ डीएम कोर्ट में अपील, स्थगन प्रार्थनापत्र दाखिल करने के बाद हाईकोर्ट की शरण ली थी। नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र मगहर खलीलाबाद से 3 नवंबर को नोटिस पाने के बाद प्रबंधतंत्र ने मामले में हाईकोर्ट की शरण लिया था। हाईकोर्ट की डबल बेंच के आदेश के बाद मामले की सुनवाई एसडीएम कोर्ट में चली। एसडीएम कोर्ट में प्रबंधतंत्र कोई वैध कागजात नहीं प्रस्तुतकर सका। इसके बाद 13 जनवरी को 15 दिन के भीतर मदरसा ध्वस्तीकरण का नोटिस मदरसे पर चस्पा किया गया। इस आदेश पर 22 जनवरी को डीएम कोर्ट में प्रबंधतंत्र ने अपील की। साथ ही स्थगन आदेश के लिए प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत किया। डीएम कोर्ट ने विवेचना के दौरान पाया कि 13 जनवरी को एसडीएम कोर्ट के आदेश को स्थगित करने का कोई औचित्य परिलक्षित नहीं होता है। इसके आधार पर तौसीफ रजा प्रबंधक व मैनेजर कुल्लियतुल वनातिर रजविया एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी रजा नगर मीट मंडी रोड खलीलाबाद द्वारा दिनांक 22 जनवरी को प्रस्तुत स्थगन प्रार्थना पत्र को निस्तारित कर दिया। साथ ही पक्षकार को अपील पर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।
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मदरसा के मामले में एसडीएम के स्तर से कार्रवाई होनी है। इसके लिए उनको निर्देशित कर दिया गया है। विधिक प्रक्रिया पूरी करके जल्द की आगे की कार्रवाई होगी।



-आलोक कुमार, डीएम
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