भारतीय जनता पार्टी ने बुलंदशहर में मां और नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया और बुलंदशहर की घटना की सीबीआई जांच की मांग की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।
भाजपा के कार्यकर्ता पूर्वाह्न 11 बजे जिलाध्यक्ष राम ललित चौधरी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। क्षेत्रीय अध्यक्ष उपेेंद्र दत्त शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया है। चीनी मिलों को बंद कर प्रदेश में किसानों के समक्ष संकट खड़ा कर दिया गया है। खलीलाबाद विधान सभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे ने कहा कि बुलंदशहर में हुई गैंगरेप की घटना प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था का प्रमाण है।
प्रदेश के मंत्री पीड़ित परिवारों के जले पर नमक छिड़कते हुए घटना का राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। सपा सरकार बनने के बाद से ही अपराध की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो गई। कोई भी सुरक्षित नहीं रह गया है। ऐसे में सपा सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं रह गया है। उन्होंने बुलंदशहर की घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। कहा कि हाइवे पर पेट्रोलिंग को बढ़ाया जाए और सौ नंबर पर मिलने वाली सूचनाओं पर तत्काल कदम उठाया जाए। वक्ताओं ने जिले की महत्वपूर्ण सड़कों के तत्काल निर्माण की मांग की।
प्रदर्शन में नरेंद्र मणि त्रिपाठी, प्रेम नरायन, जगदंबा लाल श्रीवास्तव, वेद प्रकाश, विजय कुुमार चौबे, राम बचन, संजय राना, त्रयंबकनाथ तिवारी, श्याम सुंदर वर्मा, कुमार अशोक पांडेय, अम्बरीश राय, प्रदीप कन्नौजिया, पीयूष सिंह, वेद प्रकाश सिंह, सेतबान राय, माया सिंह, दिनेश तिवारी, श्याम बिहारी, गंगा सिंह सैथवार, राकेेश मिश्रा आदि लोग शामिल रहे।