मेंहदावल। जब छात्र एक-दूसरे के साथ जुड़ते हुए दोस्त बनते हैं, तो वे स्कूल में अधिक सहज और खुश महसूस करते हैं। इससे उनकी पढ़ाई में रुचि बढ़ती है व उनमें स्कूल को छोड़ने की संभावना कम हो जाती है। यह बातें मंगलवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय भिटियां खुर्द पर बच्चों को जागरूक करते हुए बीईओ ज्ञानचंद्र मिश्र ने बच्चों से कही।
उन्होंने कहाकि दोस्त बनाने से छात्रों को सामाजिक कौशल विकसित करने, एक-दूसरे का समर्थन करने में मदद मिलती है। स्कूल गतिविधियों, खेल और अन्य कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए छात्रों को प्रोत्साहित करें जहां वे एक-दूसरे से मिल सकें और दोस्त बना सकें। उन्होंने कहा शिक्षक स्कूल में “मित्रता दिवस” या “दोस्ती सप्ताह” जैसे कार्यक्रम आयोजित करें, जहां छात्र एक-दूसरे के साथ दोस्ती के बंधन को मजबूत कर सकें।
छात्रों को एक-दूसरे की मदद करने, एक-दूसरे को प्रोत्साहित करने और एक-दूसरे के साथ सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें। कक्षा में मित्रता के महत्व और इसके लाभों पर चर्चा करें। स्कूल में एक ऐसा वातावरण बनाएं जहां छात्र सुरक्षित और सहज महसूस करें और एक-दूसरे के साथ दोस्ती करने में सहज हों। जब छात्र एक-दूसरे के साथ जुड़ते हैं और दोस्त बनते हैं, तो वे स्कूल में अधिक खुश और सफल होते हैं। इससे स्कूल में नामांकन बढ़ाने और स्कूल छोड़ने की दर को कम करने में मदद मिल सकती है।
इस अवसर पर सूर्य बहादुर सिंह, सतीश कुमार, आशुतोष कुमार, दिनेश कुमार, जावेद अहमद आदि मौजूद रहे।