- घटना से गांव के लोगों में आक्रोश, क्षेत्र के सुरैना गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। पांच वर्ष से भाई का दर्जा देकर विश्वास के साथ जिसके साथ रह रही किशोरी वही हैवान बनकर उसके जान का दुश्मन बन जाएगा इसकी कल्पना न तो किशोरी ने की थी और न ही उसके परिवार के लोग। किशोरी ट्रामा सेंटर लखनऊ में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है तो उसके गांव के लोगों के भीतर आग आक्रोश है।
क्षेत्र के सुरैना गांव निवासी मोहम्मद मोहिब की मौत 10 वर्ष पहले हो गई थी। उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा के पालन पोषण की जिम्मेदारी मोहम्मद मोहिब के पत्नी पर आ गई। मोहम्मद मोहिब की पत्नी अपने बच्चों के साथ गांव में मेहनत मजदूरी करके पेट पालने लगे। इस बीच गांव के लोगों के सहयोग से बड़ी बेटी की शादी हो गई और वह अपने ससुराल चली गई।
घर पर दो बेटियां और एक बेटा के साथ मोहिब की पत्नी रहने लगी। उतीन वर्ष पहले बगल का युवक किशोरी को पौली में स्थित एक मार्ट के दुकान में नौकरी दिलवा दिया और खुद मार्ट का संचालन करने लगा। किशोरी के परिजनों का कहना है कि युवक सुबह किशोरी को अपने साथ लेकर दुकान पर जाता था और रात में घर छोड़ता था। इधर एक वर्ष से मानदेय न मिलने के कारण किशोरी ने काम छोड़ दिया। उसके बाद 25 जून को मार्ट पर अपना बकाया मानदेय मांगने पहुंची। उसी समय गांव निवासी युवक अपने सहयोगियों के साथ किशोरी को मारना-पीटना शुरू कर दिए।
किशाेरी का गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। इस पर भी जी नहीं भरा तो किशोरी के जीभ और पैर में करंट का झटका दिया गया। जिससे किशोरी की हालत गंभीर बन गई। उसे इलाज के लिए एक प्राइवेट अस्पताल में गोरखपुर ले जाया गया। वहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टर ने ट्रामा सेंटर लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। लखनऊ में किशोरी का इलाज चल रहा है। लेकिन उसकी हालत सुधरने की जगह बिगड़ती जा रही है।
बृहस्पतिवार को पुलिस के उच्च अधिकारियों के गांव में आने की सूचना पर भारी भीड़ देर शाम तक पीड़िता के घर पर जुटी रही। गांव के लोगों ने आरोपी असलम खान के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी अजय सिंह ने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद आरोपियों की तलाश की जा रही है।