संतकबीरनगर। सर्दियों में नजला, खांसी समेत बुखार होने पर बगैर चिकित्सीय परामर्श दवा का सेवन कर रहे लोगों का दम फूल रहा हे। ब्रोंकाइटिस के साथ अस्थमा के भी लक्षण मिल रहे हैं। ज्यादातर मरीजों को दवा देकर घर भेजा जा रहा है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि ठंड और प्रदूषण के चलते बच्चें और बुजुर्ग सर्वाधिक प्रभावित है। ओपीडी में सांस फूलने की समस्या लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन आठ से दस मरीजों की जांच में ब्रोंकाइटिस यानी श्वसन नली में सूजन मिल रही है।
इस समस्या की शुरुआत में ही अगर प्रभावी इलाज न हो तो यह क्रॉनिक होने पर श्वसन नली को अवरूद्ध कर देता है। जिससे कई प्रकार की दिक्कतें आनी शुरू हो जाती हैं।
जिन मरीजों में अस्थमा के लक्षण हैं या सीने में बलगम जमा है, उन्हे भर्ती करना पड़ रहा है। आगे समस्या न हो इसलिए स्वस्थ्य मरीजों को एहतियात का सुझाव दिया जा रहा है। ठंड से एलर्जी वाले मरीज भी पहुंच रहे हैं। बताया कि सामान्य दिनों के सापेक्ष ठंड बढ़ने पर अब करीब 20 फीसदी मरीज बढ़े हैं।