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Sant Kabir Nagar News: ब्रिटिश मौलाना का ध्वस्त होगा मदरसा, नोटिस चस्पा

Sat, 17 Jan 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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खलीलाबाद के गोस्त मंडी रोड ​स्थित मौलाना का मदरसा-संवाद
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संतकबीरनगर। ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के खलीलाबाद शहर के गोश्त मंडी रोड स्थित मदरसा भवन को गिराने का एसडीएम कोर्ट ने आदेश दिया है। एसडीएम कोर्ट ने प्रबंधन को 15 दिन के अंदर मदरसे को खुद गिराने का आदेश दिया है। प्रबंधन ने खुद मदरसे को नहीं गिराया तो प्रशासन ध्वस्तीकरण कराएगा और उसका खर्च प्रबंधन से भूराजस्व के रूप में वसूल किया जाएगा। प्रबंध तंत्र को डीएम कोर्ट में अपील करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। एसडीएम न्यायालय का नोटिस मदरसे पर चस्पा कर दिया गया है।
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खलीलाबाद शहर के मोतीनगर मोहल्ला में संचालित मदरसा कुल्लियतुल बनातिर रजविया एजुकेशनल एंड वेलफेसर सोसाइटी का मदरसा सील करने के बाद नियत प्राधिकारी की तरफ से तीन नवंबर को नोटिस दिया गया। नोटिस में मदरसे का नक्शा दिखाने व नक्शा न होने पर ध्वस्तीकरण के कार्रवाई की बात कही गई। इसके बाद मदरसा प्रबंधन ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट की डबल बेंच में मामले की सुनवाई हुई। पिछले साल 13 नवंबर को हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को दो सप्ताह में सक्षम न्यायालय में विस्तृत आपत्ति दर्ज कराने का आदेश दिया।
आदेश में यह भी कहा गया कि नियत प्राधिकारी कानून के अनुसार सभी हित धारकों को अवसर प्रदान करने के बाद छह सप्ताह के भीतर उस पर निर्णय लेंगे। आपत्ति निस्तारण तक पक्षकार संबंधित भूखंड पर यथास्थिति बनाए रखेंगे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रबंध तंत्र एसडीएम कोर्ट पहुंचा। जहां पर सुनवाई हुई। उसके बाद 13 जनवरी को एसडीएम कोर्ट से भवन गिराने का आदेश पारित हुआ। भवन गिराए जाने के नोटिस के संबंध में प्रबंध तंत्र पक्ष एसडीएम कोर्ट में प्रर्याप्त कारण नहीं रख पाया। उसके बाद पुराने मदरसा भवन को गिराए जाने का आदेश पारित करते हुए एसडीएम कोर्ट ने नोटिस मदरसा भवन पर चस्पा कर दिया है।
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यह है मामला
दुधारा थाना क्षेत्र के देवरिया लाल गांव निवासी शमशुल हुदा खान आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया में शिक्षक था। वहीं से उसने वर्ष 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता ले ली। इस बीच वह मदरसे से सेलरी व अन्य मद में लगभग 17 लाख रुपये वर्ष 2017 तक लेता रहा। दोहरी नागरिकता के दौरान वह पाकिस्तान समेत अन्य खाड़ी देशों की यात्रा करके अवैध फंडिंग के माध्यम से जिले में जमीन खरीदा और उस करोड़ाें की लागत से मदरसा बनवा दिया। शिकायत होने के बाद फरवरी 2024 में डीएम कोर्ट के आदेश पर मदरसे की जमीन को राज्य सरकार के खाते में निहित कर सीलकर दिया गया। इसके बाद भी प्रबंध तंत्र मदरसा भवन से सटे एक अन्य भवन का आनन-फानन में निर्माण करवाकर उसमें मदरसे का संचालन जारी रखा। इधर एटीएस की जांच रिपोर्ट व शिकायत में बाद नवंबर माह में नए भवन में संचालित मदरसे को भी प्रशासन ने सीलकर दिया। इसके साथ ही डीएमओ के शिकायत पर कोतवाली खलीलाबाद में मौलाना के खिलाफ फेमा के तहत रिपोर्ट दर्जकर लिया गया। नवंबर माह में ही नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र मगहर की तरफ से नोटिस दिया गया था। उसके खिलाफ प्रबंध तंत्र ने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
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मौलाना के ब्रिटिश नागरिकता लेने के बाद मदरसे की जमीन को राज्य सरकार के खाते निहित कर दिया गया था। इस मामले में सुनवाई चल रही थी। मदरसा प्रबंध तंत्र नक्शे से संबंधित कोई पत्रावली प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसलिए मदरसे को गिराने का आदेश जारी किया गया है। 15 दिन के अंदर मदरसा प्रबंध तंत्र खुद मदरसा गिरवा दें नहीं तो प्रशासन गिरवाएगा तो सारा खर्च मदरसा प्रबंधन से वसूल किया जाएगा। -अरुण कुमार, एसडीएम खलीलाबाद
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