डॉयट कार्यालय पर परिषदीय शिक्षकों के चल रहे तीन दिवसीय समावेशी शिक्षा और स्वास्थ्य शिक्षा के प्रशिक्षण के अंतिम दिन शिक्षकों ने नाश्ता न मिलने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिए। करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रभारी प्राचार्य ने नाश्ता देने वाले ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया तक जाकर शिक्षक माने और हंगामा समाप्त किए। शिक्षकों ने इस बाबत सीडीओ को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
प्रशिक्षण लेने आए शिक्षक विनोद राय, रविंद्र मिश्र, पवन शुक्ल, मंजू देवी, निलिमा श्रीवास्तव, अनिरूद्घ सिंह, रूपम गुप्त, गीता देवी, प्रमोद, ज्ञान प्रकाश, राज बहादुर, सुनीता गोंड़, रूकसाना आदि का कहना था कि उन्हे समावेशी शिक्षा के तीन दिवसीय प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था। दो दिन तो पानी और एक संतरा तथा दो केला देकर नाश्ता कराया गया। इसके बाद गुुरुवार को पानी तक उपलब्ध नहीं कराया गया। नाश्ता भी नहीं दिया गया। जबकि नाश्ते के मद में सरकार प्रति शिक्षक पैसे देती है।
इसके साथ ही आने जाने का किराया भी दिया जाता है। डॉयट कार्यालय के कर्मचारी पैसा बचाने के चक्कर में नाश्ता नहीं दे रहे है। इस भीषण गर्मी में पूरे दिन बिना पानी और नाश्ता के कैसे प्रशिक्षण होगा। शिक्षकों ने करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा किया। हंगामे की वजह से प्रशिक्षण पूरी तरह से ठप हो गया। शिक्षकों ने प्रभारी डॉयट प्राचार्य का घेराव भी किया। प्रभारी डायट प्राचार्य राजेश कुमार ने शिक्षकों को समझाया। उन्होंने कहा कि जिस ठेकेदार को नाश्ता सप्लाई करने का ठेका दिया गया है वह नहीं आया है और न ही फोन उठा रहा है।
शिक्षक लिखित शिकायत दे तो ठेकेदार का कंट्रैक्ट खत्म करने की कार्रवाई के लिए साथ ही उसका भुगतान रोक दिया जाएगा। बाद में शिक्षकों ने लिखित शिकायत दिया। इसके साथ ही शिक्षकों ने सीडीओ को भी शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।