राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में मूल्यांकन का बहिष्कार कर प्रदर्शन करते वित्त विहीन शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
संतकबीरनगर। मानदेय सहित विभिन्न मांगों के पूरा न होने से आक्रोशित वित्त विहीन शिक्षकों ने रविवार को यूपी बोर्ड की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया। मूल्याकंन केंद्र एचआर इंटर कॉलेज और राजकीय कन्या इंटर कॉलेज परिसर में एकत्र होकर माध्यमिक शिक्षक संघ वित्त विहीन गुट, उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक संघ के बैनर तले प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी मूल्यांकन शुरू नहीं होगा। वित्त विहीन शिक्षकों ने डीआईओएस पर आंदोलन को दबाने का आरोप भी लगाया।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ वित्त विहीन गुट के जिलाध्यक्ष समय देव पांडेय ने कहा प्रदेश सरकार ने वित्त विहीन शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। शिक्षकों को सम्मान जनक मानदेय दिया जाए। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि शांति पूर्ण चल रहे आंदोलन को डीआईओएस पुलिस बल पर दबाना चाहते है।
जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सम्मान जनक मानदेय की घोषणा तक मूल्यांकन बहिष्कार जारी रहेगा। माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि मूल्याकंन के दूसरे दिन वित्त विहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य नही किया है। कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती है तब तक यह बहिष्कार चलता रहेगा। इस दौरान अनिल सिंह, रामरोहित यादव, इंद्रसेन राय, लालचंद यादव, फूलचंद, गजेंद्र त्रिपाठी, सत्य प्रकाश पाल, धर्मेंद्र यादव, गणेश धर द्विवेदी, रामनरेश, सौरभ मिश्र समेत अन्य मौजूद रहे।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की 7844 उत्तर पुस्तिकाओं की हुई जांच
संतकबीरनगर। रविवार को दोनों मूल्यांकन केंद्रों पर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की 7844 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हुई। मूल्यांकन केंद्र जीजीआईसी के उप नियंत्रक आशा यादव ने बताया कि उनके केंद्र पर इंटर की 3107 उत्तरपुस्तिकाओं की जांच हुई है। जिसमे 200 परीक्षक और 25 डिप्टी हेड उपस्थित हुए। मूल्यांकन केंद्र एचआर इंटर कॉलेज के उप नियंत्रक राम कुमार सिंह ने बताया कि उनके केंद्र पर हाईस्कूल की 4757 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हुई है। जिसमें 261 परीक्षक और 40 डिप्टी हेड मूल्याकंन में शामिल हुए है।